विकास कुमार/सहरसा। पिछले चार दिनों से सहरसा नगर निगम की सफाई व्यवस्था को ठप करने वाली सफाई कर्मियों की हड़ताल आखिरकार शुक्रवार को समाप्त हो गई। नगर निगम प्रशासन और सफाई कर्मचारी संगठन के बीच हुई एक मैराथन बैठक में 10 सूत्री मांगों पर आम सहमति बन गई है। इस समझौते के बाद सहरसा के नागरिकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि सड़कों पर जमा कचरे का अंबार अब साफ हो सकेगा।
वेतन वृद्धि और वित्तीय सुधारों पर बनी बात
वार्ता का सबसे प्रमुख बिंदु सफाई कर्मियों का मानदेय रहा। प्रशासन ने सफाई कर्मियों के दैनिक मानदेय में 15 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित ईपीएफ (EPF) की बकाया राशि को अगले चार महीनों के भीतर उनके खातों में जमा करने का लिखित आश्वासन दिया गया है। कर्मचारियों को ईएसआईसी (ESIC) का नियमित लाभ मिले, इसके लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जाने पर सहमति बनी है।
नियमितीकरण और समय पर भुगतान का आश्वासन
अक्सर वेतन में होने वाली देरी को लेकर नाराजगी रहती थी, जिसे दूर करते हुए अब हर महीने की 4 से 5 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का वादा किया गया है। लगभग 40 से 45 कर्मचारियों का बकाया वेतन इसी माह जारी कर दिया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण मांग, यानी वर्षों से कार्यरत कर्मियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर निगम ने स्पष्ट किया कि इसका प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेज दिया गया है, ताकि शासन स्तर पर उचित कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मौजूद रहे मुख्य पदाधिकारी
इस महत्वपूर्ण समाधान के लिए आयोजित वार्ता में नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, महापौर बैन प्रिया, और उप महापौर उमर हयात गुड्डू ने सक्रिय भूमिका निभाई। कर्मचारी संगठन की ओर से अध्यक्ष कुशाग्र कुमार ने समझौते को सम्मानजनक बताते हुए घोषणा की कि सभी सफाई कर्मी शुक्रवार से अपने काम पर पूरी निष्ठा के साथ लौट आएंगे।

