विकास कुमार/सहरसा। अपनी विभिन्न जायज मांगों को लेकर सहरसा नगर निगम कार्यालय के समक्ष अखिल भारतीय सफाई मजदूर संगठन के नेतृत्व में सफाईकर्मियों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सफाईकर्मियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की और व्यवस्था में सुधार की पुरजोर मांग उठाई।
शोषण के खिलाफ एकजुट हुए कर्मी
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाग्र कुमार गब्बर के नेतृत्व में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सफाईकर्मी शामिल हुए। वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम में सफाईकर्मियों के अधिकारों का जो हनन हो रहा है उसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में व्याप्त अनियमितताओं और फर्जी सफाईकर्मियों की घुसपैठ के कारण वास्तविक कर्मियों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
प्रमुख मांगें: वेतन से लेकर ईपीएफ तक
सफाईकर्मियों ने नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल हैं:
- पारदर्शिता: फर्जी सफाईकर्मियों को चिन्हित कर हटाना और वास्तविक कर्मियों की नियुक्ति।
- भुगतान की गारंटी: सभी कर्मियों को समय पर वेतन भुगतान और पिछले छह वर्षों से लंबित दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की अंतर राशि का भुगतान।
- सुविधाएं: एसीपी का भुगतान सुनिश्चित करना और एनजीओ के माध्यम से कार्यरत कर्मियों के ईपीएफ (EPF) का अविलंब हस्तांतरण।
- प्रशासनिक सुधार: गलत तरीके से नियुक्त किए गए सुपरवाइजरों की बर्खास्तगी, पेमेंट सेक्शन में कार्यरत विशिष्ट कर्मी को हटाना और सफाई वाहन चालकों के वेतन में वृद्धि।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने इन मांगों पर तत्काल सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो सफाईकर्मी चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन की राह अपनाएंगे। भविष्य में होने वाली किसी भी अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
नगर आयुक्त का पक्ष
इस पूरे मामले पर नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि नगर निगम में वर्तमान में कुल 266 सफाईकर्मी कार्यरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी नियमित कर्मियों का वेतन समय पर वितरित कर दिया गया है। एजेंसी से जुड़े कर्मियों को हटाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई संबंधित एजेंसी द्वारा ही की गई है। नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और नियमों के दायरे में रहकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

