अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। सासाराम के करुप पंचायत में आज मंगलवार (18 मई) को ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। बिहार सरकार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने इस सहयोग शिविर का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने एक प्रेस-कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने बताया कि रोहतास जिला में 21 सौ आवेदन मिले, जिसमें से 15 सौ से अधिक मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। इसका मतलब शिकायतों के निपटारे में जिला प्रशासन सक्रिय है।

‘अधिक से अधिक समस्याओं का निपटारा संकल्प’

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि, बिहार के मुख्यमंत्री का संकल्प है कि अधिक से अधिक समस्याओं का निपटारा हो। अधिकारी खुद लोगों के पास जाए और उनकी समस्या का निपटारा करें। साथ ही इस नियम के अनुसार तय समय सीमा (30 दिन) के अंदर अगर काम नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी निलंबित भी किए जाएंगे।

अशोक चौधरी ने कहा कि, आज जनता के दरवाजे पर खुद सरकार चल कर पहुंची रही है। ऐसे में आने वाले समय में अगर इसी तरह शिकायत का निपटारा होता गया, तो धीरे-धीरे शिकायतें कम हो जाएंगे और लोगों का जीवन आसान होगा।

पक्ष ने बताया असली प्रजातंत्र, विपक्ष ने कहा राजनीतिक स्टंट

सरकार के इस अनूठी पहल ‘सहयोग शिविर’ का सत्ता पक्ष के नेताओं ने पुरजोर स्वागत कर रहे हैं। जदयू नेता और डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि, यही असली लोकतंत्र और प्रजातंत्र है, जहां शासन खुद जनता के पास पहुंच रहा है।

एक तरफ जहां एनडीए के नेता ‘सहयोग शिविर’ की तारीफ कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष सरकार के इस कार्यक्रम को लेकर उसकी मंशा पर सवाल उठा रहा है। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने इसे राजनीतिक स्टंट करार देते हुए कहा कि, ‘सहयोग कार्यक्रम’ के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई, बदहाल कानून व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे बुनियादी मुद्दों पर पूरी तरह विफल हो चुकी है और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसे आयोजन कर रही है।

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