Rajasthan News: जोधपुर के खेड़ापा इलाके से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे मारवाड़ को हिलाकर रख दिया है। इंसाफ के लिए भटकने के बाद एक और बेटी ने पानी की टंकी पर चढ़कर अपनी जान दे दी। अब इस मामले में पुलिस का एक बेहद शर्मनाक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बाद से लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

ऑडियो में पुलिस का खौफनाक चेहरा

यह वायरल ऑडियो 11 अप्रैल का बताया जा रहा है। इसमें पुलिस और पीड़ित परिवार के बीच तीखी बातचीत हो रही है। आरोप है कि खेड़ापा थाना अधिकारी पीड़िता को झूठा कह रहे हैं। वे साफ बोल रहे हैं कि लड़की ब्लैकमेल कर रही है। ऑडियो में पुलिस वाला यह तक कहता सुना जा रहा है कि ‘अगर वह मर गई तो कोई धारा नहीं बनती’। इस बात ने खाकी के रवैये पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हम इस वायरल रिकॉर्डिंग की सच्चाई का दावा नहीं करते। जोधपुर ग्रामीण एसपी ने कहा है कि ऑडियो सामने आने पर इसकी पूरी जांच होगी और दोषी पर कड़ी कार्रवाई होगी।

33 दिन तक सोती रही पुलिस

पूरा मामला बेहद दर्दनाक है। पीड़िता ने 11 अप्रैल को 8 लोगों के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज कराया था। उसने लिखकर दिया था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह जान दे देगी। लेकिन पुलिस 33 दिनों तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। आखिरकार सिस्टम से हारकर छोटी बहन ने शुक्रवार (15 मई) को पानी की टंकी पर चढ़कर जहरीली चीज खा ली। अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

ई-मित्र संचालक ने बिछाया था जाल

इस काली कहानी की शुरुआत बड़ी बहन से हुई थी। ई-मित्र संचालक महिपाल ने बड़ी बहन को जाल में फंसाकर वीडियो बना लिया था। इसके बाद महिपाल और उसके साथियों (शिवराज, गोपाल, वीजाराम, दिनेश, मनोज और पुखराज) ने 4 साल तक उसे ब्लैकमेल किया। इस प्रताड़ना से तंग आकर बड़ी बहन ने 20 मार्च को खुदकुशी कर ली थी। उसकी मौत के बाद इन बदमाशों ने छोटी बहन को पकड़ लिया। उसे भी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर खेतों और होटलों में गैंगरेप का शिकार बनाया। आरोपी खुलेआम घूमकर धमकी देते थे कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।

चौकी प्रभारी लाइन हाजिर, दो आरोपी पकड़े गए

लड़की की मौत के बाद राजपूत समाज के हनुमान सिंह खांगटा के नेतृत्व में लोगों ने एमडीएम अस्पताल के बाहर धरना दे दिया। माहौल बिगड़ता देख प्रशासन तुरंत हरकत में आया। इस मामले में चौकी प्रभारी को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। थाना अधिकारी और डीवाईएसपी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया है, जिनसे पूछताछ चल रही है। बाकी 7 संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है। एडिशनल एसपी रघुनाथ गर्ग खुद इस केस को संभाल रहे हैं। मौके पर सबूत जुटाने के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया है।

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