रेवाड़ी/नरवाना। हरियाणा में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। रेवाड़ी के नेहरू पार्क में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को आगामी 20 मई तक आगे बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। इसके साथ ही कर्मचारी संगठन ‘सीटू’ (CITU) ने सरकार को खुली चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 24 और 25 मई को पूरे प्रदेश के हजारों सफाई कर्मचारी नरवाना पहुंचकर कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के दफ्तर के बाहर महापड़ाव डालेंगे।

12 साल में एक भी पक्की भर्ती नहीं, सरकार कर रही दमन

नेहरू पार्क में चल रहे धरने के दूसरे दिन जिला प्रधान राजकुमार और सर्व कर्मचारी संघ के नेताओं ने सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। कर्मचारी नेताओं ने कहा, “पिछले 19 साल से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का भयंकर शोषण हो रहा है। न तो हमें पक्के कर्मचारी का दर्जा मिल रहा है और न ही पूरा वेतन। पिछले 12 सालों में बीजेपी सरकार ने एक भी सफाई कर्मचारी या सीवरमैन की स्थाई भर्ती नहीं की है। अब जब कर्मचारी हक मांग रहे हैं, तो सरकार पुलिस के दम पर आंदोलन को कुचलना चाहती है।”

घोषणाएं कर मुकर रही सरकार, 9700 पद खाली

यूनियन के राज्य प्रधान बसाऊ राम ने ऑनलाइन मीटिंग के बाद बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने मार्च 2024 के बजट में 1000 की आबादी पर एक कर्मचारी रखने का वादा किया था, लेकिन आज भी गांवों में 9,700 पद खाली पड़े हैं। यही नहीं, 24 नवंबर 2024 को सीएम ने ₹26,000 वेतन करने और जून 2025 में ₹2,100 की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो आज तक सिर्फ कागजों में ही दबी हुई है। अधिकारियों के साथ हुई वार्ताओं के बाद भी पक्का करने की पॉलिसी नहीं बनाई गई।

कर्मचारियों ने रखी ये मुख्य मांगें

कच्चे सफाई कर्मचारियों को एक कलम से तुरंत पक्का (Permanent) किया जाए।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के 31 दिसंबर 2025 के आदेश को तुरंत लागू किया जाए।

गांवों में हर 400 की आबादी पर एक स्थाई कर्मचारी की भर्ती हो।

घोषित किया गया ₹26,000 और ₹27,000 मासिक वेतन तुरंत खातों में डाला जाए।

एक्सग्रेसिया पॉलिसी के तहत ड्यूटी पर मौत होने पर ₹50 लाख और साधारण मौत पर ₹20 लाख का मुआवजा मिले।

रिटायरमेंट पर एकमुश्त ₹10 लाख, ग्रेच्युटी और हर महीने गुड़, तेल, साबुन का भत्ता दिया जाए।