० महेंद्रगढ़ के खटोटी कलां गांव के बेटे ने हासिल की ऑल इंडिया 847वीं रैंक, 14 जुलाई को नारनौल में होगा भव्य सम्मान समारोह
नारनौल। कहते हैं कि मंजिल उसी को मिलती है, जिसके इरादों में जान होती है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के खटोटी कलां गांव के रहने वाले नीतीश कुमार ने अपने अटूट हौसले और संघर्ष से इस कहावत को चरितार्थ कर दिया है। शारीरिक चुनौतियों और गंभीर बीमारी से जूझते हुए उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 847वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है।
नीतीश कुमार की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों पर जीत हासिल करने की कहानी है। कम कद और गंभीर बीमारी के कारण उनका बचपन सामान्य बच्चों की तरह नहीं बीता। किशोरावस्था तक वे नियमित रूप से स्कूल भी नहीं जा सके। लेकिन उन्होंने अपनी कमजोरी को कभी अपनी पहचान नहीं बनने दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी में सफलता हासिल कर अपनी मेहनत का लोहा मनवा दिया।
आज उनकी सफलता हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसला मजबूत हो, तो सफलता एक दिन जरूर कदम चूमती है।
14 जुलाई को होगा सम्मान समारोह
नीतीश कुमार की इस प्रेरणादायी उपलब्धि पर युवा साथी ग्रुप हरियाणा और उड़ान जनसेवा ट्रस्ट, ढाणी बाठोठा की ओर से 14 जुलाई को सुबह 11 बजे नारनौल स्थित रेड क्रॉस भवन में भव्य अभिनंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस समारोह में सामाजिक, शैक्षणिक और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहकर नीतीश कुमार को सम्मानित करेंगी। संस्था के प्रतिनिधि टिंकू प्रधान ने कहा कि नीतीश कुमार की सफलता केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, आत्मविश्वास, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति की ऐसी मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।
नीतीश कुमार की उपलब्धि यह साबित करती है कि सफलता शरीर की मजबूती से नहीं, बल्कि इरादों की मजबूती से हासिल होती है। यही कारण है कि आज उनका नाम पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए उम्मीद और प्रेरणा का पर्याय बन गया है।

