सतीश सिंह, मथुरा. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) के पावन अवसर पर मथुरा पूरी तरीके से भक्तिमय माहौल में ढल गया है. चारों ओर ढोल-नगाड़ों की आवाज, नर्तक दल, विभिन्न कार्यक्रम से सभी कृष्ण भक्ति में रम गए हैं. इसी बीच श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए मथुरा नगरी को अभेद्य सुरक्षा में बदल दिया गया है. वहीं जगह जगह सड़कों पर सांस्कृतिक कलाकार कान्हा के जन्मदिन को उत्सव के रूप को उत्सव के रूप में मना रहे हैं.
सुरक्षा के लिहाज से पूरे मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को 7 जोन और 35 सेक्टरों में बांटा गया है. प्रत्येक क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि भीड़ नियंत्रण से लेकर कानून-व्यवस्था तक हर स्थिति पर तत्काल कार्रवाई हो सके. जन्माष्टमी और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए करीब 5,500 से 6,000 पुलिस और पीएसी जवानों की तैनाती की गई है. इसके साथ आरएएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग की टीमें भी मुस्तैद रखी गई हैं. संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है. ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है. संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है.
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भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग एरिया
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और प्रमुख मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया बढ़ाए गए हैं. जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को इन क्षेत्रों में रोककर चरणबद्ध तरीके से मंदिर क्षेत्र की ओर भेजा जाएगा, जिससे अचानक भीड़ का दबाव न बने. वहीं प्रमुख मार्गों और चौराहों पर बैरिकेडिंग, चेकिंग प्वाइंट और रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है. पार्किंग और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष जिम्मेदारी दी गई है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन के प्रमुख मंदिरों और अन्य संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है. आला अधिकारियों ने स्वयं मौके पर पहुंचकर प्रवेश-निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी, यातायात और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का निरीक्षण किया.



