Shri Sanwaliya Seth: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध Shri Sanwaliya Seth मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर देखने को मिली है। मंदिर के मासिक भंडार की गिनती में अब तक ₹29 करोड़ 15 लाख 13 हजार की दानराशि सामने आ चुकी है। हालांकि, अंतिम आंकड़ा अभी आना बाकी है, क्योंकि छठे चरण की गिनती जारी है। मंदिर मंडल ने 13 जुलाई को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों, मंदिर मंडल अध्यक्ष और सदस्यों की मौजूदगी में मासिक भंडार खोला था।

पांच चरणों में सामने आई इतनी दानराशि

  • पहला चरण: ₹10 करोड़ 11 लाख 83 हजार
  • दूसरा चरण: ₹6 करोड़ 49 लाख
  • तीसरा चरण: ₹7 करोड़ 63 लाख 30 हजार
  • चौथा चरण: ₹3 करोड़ 1 लाख
  • पांचवां चरण: ₹1 करोड़ 90 लाख

इन पांच चरणों के बाद कुल ₹29 करोड़ 15 लाख 13 हजार की राशि की गिनती पूरी हो चुकी है।

छठे चरण की गिनती जारी

सोमवार को भंडार की छठे चरण की गिनती की जा रही है। मंदिर प्रशासन के अनुसार दानपात्र की राशि के अलावा मंदिर कार्यालय, भेंट कक्ष और ऑनलाइन प्राप्त चढ़ावे की गणना अभी बाकी है। इसके साथ ही सोना-चांदी का वजन और विदेशी मुद्राओं की गिनती भी की जाएगी। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद इस माह प्राप्त कुल चढ़ावे का अंतिम आंकड़ा जारी किया जाएगा।

क्यों खास है श्री सांवलिया सेठ मंदिर?

Shri Sanwaliya Seth मंदिर देशभर के व्यापारियों और श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि जो व्यापारी सांवलिया सेठ को अपने कारोबार का साझेदार मानते हैं और लाभ का एक हिस्सा मंदिर में अर्पित करते हैं, उनके व्यापार में लगातार उन्नति होती है। इसी विश्वास के कारण राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश और विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और चढ़ावा चढ़ाने पहुंचते हैं।

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