विकास कुमार, सहरसा। जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद में विकास के नाम पर लूट की छूट मची हुई है, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि करीब 5 करोड़ 93 लाख 70 हजार रुपये की लागत से 60 हाई मास्ट लाइट लगाने की योजना पर सवाल खड़े होना शुरू गए हैं। इस योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी राशि की लूट की आशंका जताई जा रही है।

जानें क्या है पूरा माजरा?

मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा 25 मार्च 2025 को कार्य आदेश जारी किया गया था। टेंडर की शर्तों में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि एजेंसी को 30 दिनों के भीतर कार्य पूरा करना होगा, अन्यथा वर्क ऑर्डर रद्द कर दिया जाएगा। लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी नगर क्षेत्र में एक भी हाई मास्ट लाइट पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है।
स्थिति यह है कि कई स्थानों पर हाई मास्ट के पोल जमीन पर पड़े हुए हैं, जबकि कुछ जगहों पर पोल तो खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन उनमें लाइटें नहीं लगाई गई हैं।

बिना काम के कर दिया करोड़ों का भुगतान

आरोप है कि एजेंसी को अग्रिम रूप से डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया गया, जिसके बाद उसने अधूरा काम छोड़ दिया। इसके बावजूद अब तक एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। वहीं, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने अब एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

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