पानीपत। हरियाणा की राजनीति और चुनावी व्यवस्था से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने चुनाव आयोग और सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण मुहिम एसआईआर यानी मतदाता सूची का पुनरीक्षण को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक ली. बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को जरूरी गाइडलाइंस (दिशा-निर्देश) देते हुए शिक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह साफ-सुथरा, पारदर्शी और बिना किसी गलती के तैयार करना है. उन्होंने विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि गलत तरीके से फर्जी वोट बनवाकर सत्ता हथियाने वालों का जमाना अब पूरी तरह खत्म हो चुका है.
क्या है एसआईआर अभियान, कैसे किया जा रहा है काम
आम जनता को आसान भाषा में समझाएं तो एसआईआर (सस्पिशियस वोटर आइडेंटिफिकेशन एंड रिमूवल) चुनाव आयोग की एक ऐसी खास प्रक्रिया है जिसके जरिए वोटर लिस्ट में मौजूद गड़बड़ियों को सुधारा जाता है. पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि बुधवार से इस अभियान का काम जमीन पर शुरू हो गया है. इस पूरी प्रक्रिया के तहत मुख्य रूप से दो बड़े बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है. पहला काम यह है कि जिन युवाओं की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा हो चुकी है और अभी तक उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ा है, उनका वोट प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाएगा. वहीं दूसरा काम यह है कि जो बुजुर्ग 80 साल से ऊपर की उम्र के हैं या जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है और उनके नाम अभी भी लिस्ट में चल रहे हैं, उन्हें मतदाता सूची से सम्मानपूर्वक हटाया जाएगा.
घुसपैठियों और फर्जी वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से कटेंगे
शिक्षा मंत्री ने अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि जो घुसपैठिए बांग्लादेशी या अन्य बाहरी जगहों से आकर यहां रह रहे हैं और उन्होंने गलत तरीके से फर्जी वोट बनवा लिए हैं, इस अभियान के माध्यम से उन सभी के वोटों का पूरी तरह से वेरिफिकेशन यानी जांच-पड़ताल की जा रही है. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अन्य पार्टियों के लोग भी इस पारदर्शी प्रक्रिया में जुट गए हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का सीधा टारगेट यही है कि जो देश का असली और योग्य मतदाता है, उसका वोट पूरी तरह सुरक्षित रहे और जो अयोग्य या फर्जी मतदाता हैं, उनका नाम तुरंत काटा जाए. देश के कई राज्यों में ऐसे लोग पकड़े गए हैं जिन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाकर वोट बनवाए थे, इस अभियान के तहत उन सभी पर एक्शन लिया जा रहा है.
विपक्ष पर बरसे शिक्षा मंत्री, बोले- देश को धर्मशाला नहीं बनने देंगे
विपक्ष द्वारा इस पूरी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस जनहित के कार्य को लेकर बिना वजह का मुद्दा बना रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि आज तक चुनाव आयोग के पास ऐसा एक भी व्यक्ति नहीं आया है, जिसका वोट गलत तरीके से काटा गया हो. वास्तव में इस मुहिम का विरोध केवल वही लोग कर रहे हैं, जो पहले गलत और फर्जी वोटों के दम पर चुनाव जीतते थे और फिर सत्ता में आकर लूट मचाते थे. शिक्षा मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि हम इस देश को धर्मशाला नहीं बनने देंगे. इस विशेष अभियान के जरिए सिर्फ इतना सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी असली और योग्य नागरिक का वोट न कटे और किसी विदेशी या घुसपैठिए का वोट सूची में न रहने पाए.

