सीतामढ़ी: नगर निगम के अंतर्गत वार्ड संख्या 42 की लोकप्रिय वार्ड पार्षद मोसिमा खातून का निधन हो गया है। वे काफी समय से अस्वस्थ चल रही थीं और पटना के एक अस्पताल में उनका इलाज जारी था जहां बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सुनते ही उनके पैतृक क्षेत्र और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

​मिलनसार और समर्पित जनप्रतिनिधि थीं मोसिमा

​स्वर्गीय मोसिमा खातून न केवल एक सजग जनप्रतिनिधि थीं बल्कि वे अपने बेहद मिलनसार और सरल स्वभाव के लिए भी जानी जाती थीं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने वार्ड संख्या 42 के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे किसी भी समय जनता की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहती थीं। विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में उनकी भूमिका काफी सक्रिय रही जिसके कारण वे आम जनता के बीच काफी लोकप्रिय थीं।

​आज हुसैना कब्रिस्तान में होगी सुपुर्द-ए-खाक

​परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार उनके पति मो. जाबिर कुरैशी ने बताया कि मोसिमा खातून का पार्थिव शरीर पटना से सीतामढ़ी लाया गया है। उनकी अंतिम यात्रा आज 4 जून 2026 को दोपहर 2 बजे हुसैना मस्जिद के समीप से निकलेगी जहां उनके अंतिम दर्शन और जनाजे की नमाज़ अदा की जाएगी। नमाज के बाद उन्हें स्थानीय हुसैना कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान भारी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के स्थानीय लोगों के शामिल होने की संभावना है।

​शोक व्यक्त करने वालों का तांता

​मोसिमा खातून के निधन पर स्थानीय गणमान्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। श्रद्धांजलि देने वालों में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मो. आलिम, पत्रकार मो. अरमान अली, मौलाना जियाउर्रहमान कासमी, मो. सालीम कुरैशी, चांद कुरैशी, अबुलैश कुरैशी, मो. हामिद, रेजा अहमद राजू, मो. जुनैद, मो. अफरोज आलम, मो. नौशाद कुरैशी, वार्ड पार्षद मो. अताउल्लाह रहमानी, मो. जौहर अली ताज और मो. मिंटू समेत कई प्रमुख लोग शामिल हैं। सभी ने उन्हें एक समर्पित और कर्मठ नेत्री बताते हुए कहा कि उनके असामयिक निधन से क्षेत्र ने एक ऐसी जनप्रतिनिधि खो दी है, जो सदैव जनहित के लिए तत्पर रहती थी। उनका जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।