पटना नगर निगम और बिहारभर के अन्य नगर निकायों के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज पांचवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इस हड़ताल का असर अब पटना की सड़कों पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है, जहां जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग चुके हैं। कचरे के सड़ने से उठने वाली बदबू के कारण शहरवासियों का जीना मुहाल हो गया है और लोगों का हाल बेहाल है। इस गंभीर स्थिति से निपटने और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पटना नगर निगम प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में निगम ने लगातार तीसरी रात विशेष सफाई अभियान चलाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की है।
अनुपस्थित ड्राइवरों पर गिरी गाज, दो को सेवा से निकाला
हड़ताल के बीच प्रशासनिक सख्ती भी देखने को मिल रही है। पटना नगर निगम ने ड्यूटी से गैर-हाजिर रहने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए वाहनों की आपूर्ति करने वाली एजेंसी मॉर्यन कार्स ऑटो सर्विसेज ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने हड़ताल का समर्थन करने और बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से गायब रहने वाले दो ड्राइवरों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।
प्रशासनिक दावों के मुताबिक हालातों को संभालने के लिए रविवार की सुबह शहर के विभिन्न अंचलों में कुल 26 डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले वाहनों के माध्यम से घरों और कमर्शियल प्रतिष्ठानों से कचरा एकत्र किया गया। हालांकि, हड़ताल के कारण यह व्यवस्था सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम है।
हड़ताली कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। पटना नगर निगम के उप नगर आयुक्त रामाशीष शरण तिवारी की आधिकारिक शिकायत पर सचिवालय थाने में शनिवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई।
शिकायत में मुख्य आरोप यह लगाया गया है कि हड़ताल के दौरान जब कुछ कर्मचारी निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय के पास निगम के वाहनों की मरम्मत कर रहे थे, तभी बड़ी संख्या में हड़ताली कर्मचारी वहां पहुंच गए। आरोप है कि इन लोगों ने काम कर रहे कर्मियों के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की।
पुलिस ने उप नगर आयुक्त के आवेदन को आधार बनाते हुए तुरंत मामला दर्ज कर लिया है और इस पूरी घटना की जांच शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस के अनुसार अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है और किसी को भी नामजद नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान करने में जुटी है ताकि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके। शहरवासी इस स्थिति के जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं ताकि उन्हें इस गंदगी और बदबू से राहत मिल सके।


