MP Weather Update : संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से बारिश का आंकड़ा पिछड़ गया है। प्रदेश में अब तक औसतन 9.7 इंच बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 11.4 इंच होनी चाहिए थी। यानी करीब 15% कम बारिश दर्ज की गई है। इस साल मानसून 24 जून को मध्य प्रदेश पहुंचा, जो सामान्य से 9 दिन देर से आया। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 30% कम बारिश हुई। जुलाई की शुरुआत में बारिश बढ़ी, लेकिन दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ने से रफ्तार फिर धीमी हो गई। अब अच्छी बारिश की उम्मीद 20 जुलाई के बाद बनने वाली नई मौसम प्रणाली से है।

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी और सिंगरौली में मध्यम बारिश होगी, जबकि इंदौर, रायसेन, धार, झाबुआ, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सतना समेत 23 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। प्रदेश के 39 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। रीवा, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर, रायसेन, विदिशा, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बैतूल और शिवपुरी समेत कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।

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वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, हरदा, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, राजगढ़, नीमच और मंदसौर सहित 16 जिलों में बारिश का प्रदर्शन सामान्य या बेहतर रहा है। प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा करीब 17.9 इंच बारिश देवास में दर्ज की गई है, जबकि अलीराजपुर में महज 2.3 इंच बारिश हुई है। पिछले कुछ दिनों से बारिश थमने के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर भी घटने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 से 22 जुलाई के बीच बंगाल की खाड़ी में नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होगा और कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है।

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