धनेश विद्यार्थी, रेवाड़ी। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कर्मचारी कल्याण महासंघ (सेवा स्तंभ) के एक उच्च स्तरीय केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के चेयरमैन किशोर मकवाना से उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. एल. भंडारी और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता व सेक्रेटरी जनरल आर. आर. बाग के नेतृत्व में हुई इस बैठक में देश भर के वंचित और शोषित समाज से जुड़े कई गंभीर और संवैधानिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
आरक्षण और बैकलॉग की रुकी भर्तियों पर रहा विशेष जोर
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने देश के अलग-अलग राज्यों में अनुसूचित जाति (SC) समाज पर बढ़ते अत्याचार, भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। सेवा स्तंभ के नेताओं ने चेयरमैन के सामने मांग रखी कि सरकारी नौकरियों में शिक्षा और रोजगार के आरक्षण को पूरी तरह और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसके साथ ही, सालों से खाली पड़े बैकलॉग के पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि युवाओं को उनका हक मिल सके।
फंड के सही इस्तेमाल और अधिकारों की सुरक्षा पर सौंपा ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के चेयरमैन किशोर मकवाना को एक विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) भी सौंपा। इस ज्ञापन में एससी सब-प्लान (SCSP) फंड के पारदर्शी और सही इस्तेमाल की मांग की गई, ताकि दलित समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए आने वाला पैसा सही जगह खर्च हो सके। बैठक में केंद्रीय सीनियर वाइस प्रेसिडेंट व रेवाड़ी के जिला प्रधान भगत सिंह बौद्ध, राष्ट्रीय महासचिव मनीराम और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता पूनम भंडारी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
चेयरमैन ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा
आयोग के चेयरमैन किशोर मकवाना ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों और चिंताओं को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इन सभी संवैधानिक विषयों पर संबंधित विभागों से बात कर उचित और सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। रेवाड़ी के जिला प्रधान भगत सिंह बौद्ध ने कहा कि ‘सेवा स्तंभ’ संगठन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय, समानता और सम्मान दिलाने के लिए जमीन से लेकर कोर्ट तक अपना संघर्ष हमेशा जारी रखेगा।

