कटक: ओडिशा की राजनीति में कदम रखते ही कटक-बारबाटी की कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस विवादों के घेरे में आ गई हैं। अपने पिता और पूर्व विधायक मोहम्मद मोकिम की नई क्षेत्रीय पार्टी ‘ओडिशा जनता कांग्रेस’ के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होना अब सोफिया के लिए भारी पड़ता दिख रहा है।

अनुशासनहीनता और दलबदल

कांग्रेस पार्टी ने सोफिया फिरदौस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद किसी दूसरी पार्टी के मंच पर जाकर भाषण देना सीधे तौर पर ‘दलबदल विरोधी कानून’ का उल्लंघन है।

हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में भी सोफिया पर पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर भाजपा समर्थित उम्मीदवार को वोट देने का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।

पिता की नई पार्टी के मंच पर उनकी उपस्थिति ने यह साफ कर दिया है कि वह अब वैचारिक रूप से कांग्रेस के साथ नहीं हैं।

कांग्रेस अब विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) के पास संविधान की 10वीं अनुसूची (Anti-Defection Law) के तहत सोफिया की सदस्यता रद्द करने की मांग करने की तैयारी में है।

चूंकि वह कांग्रेस से निलंबित हैं, इसलिए पार्टी उन्हें किसी भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं करती है।

वह अपने पिता के निमंत्रण पर केवल एक अतिथि (Guest) के रूप में उस मंच पर गई थीं।

उन्होंने पीसीसी अध्यक्ष पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि हाल ही में उन्होंने भी अन्य दलों के नेताओं के साथ मंच साझा किया था, तो केवल उन पर निशाना क्यों साधा जा रहा है?

सोफिया फिरदौस ओडिशा विधानसभा की पहली मुस्लिम महिला विधायक और एक युवा चेहरे के रूप में उभरी थीं। अगर विधानसभा अध्यक्ष उनकी सदस्यता रद्द करते हैं, तो यह उनके करियर के लिए एक बड़ा झटका होगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या सोफिया ने पिता के प्रति भावुकता में आकर अपनी विधायक की कुर्सी जोखिम में डाल दी है?

अब सबकी नजरें विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी हैं—क्या सोफिया अपनी सदस्यता बचा पाएंगी या वह अपने पिता के नए राजनीतिक प्रयोग की पहली ‘शिकार’ बनेंगी?