Dharm Desk- सूर्य ग्रहण को विज्ञान और धर्म दोनों ही दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. वैज्ञानिक नजरिए से यह एक खगोलीय घटना हैं. जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक देता है. वहीं धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे विशेष प्रभाव वाला समय माना जाता है. अक्सर ग्रहण के दौरान शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है, और लोग पूजा-पाठ भी नहीं करते, क्योंकि इसे अशुभ काल माना जाता है.

ग्रहण की भारत के लिए स्थिति थोड़ी अलग है

हालांकि इस बार स्थिति थोड़ी अलग रहने वाली है. ज्योतिष शास्त्र में जब ग्रहण किसी स्थान पर दिखाई नहीं देता, तो उसका धार्मिक प्रभाव भी वहां मान्य नहीं होता. यही वजह है कि इस बार भारत में रहने वाले लोगों को ग्रहण से जुड़ी सख्त पाबंदियों का पालन नहीं करना पड़ेगा. मंदिरों के कपाट भी सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे. मांगलिक कार्यों पर किसी तरह की रोक नहीं होगी.

ग्रहण के दौरान कंकणाकृति नजर आएगी

खगोल विज्ञान के लिहाज से यह सूर्य ग्रहण बेहद खास होगा क्योंकि यह कंकणाकृति ग्रहण है. इसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता, बल्कि सूर्य का किनारा चमकता हुआ एक अंगूठी जैसा दिखाई देता है. यह नजारा बेहद आकर्षक होता है, दुनियाभर के वैज्ञानिकों व खगोल प्रेमियों के लिए खास महत्व रखता है.

सूर्य ग्रहण इन देशों में दिखाई देगा

यह सूर्य ग्रहण भारत में भले ही दिखाई न दे, लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में इसका शानदार दृश्य देखने को मिलेगा. कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और यूरोप के कई देशों में लोग इसे प्रत्यक्ष देख सकेंगे. इसके अलावा अटलांटिक महासागर और रूस के कुछ हिस्सों में भी यह नजर आएगा.

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है नजर

जो लोग इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखना चाहते हैं, वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा ले सकते हैं. NASA और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अपने आधिकारिक चैनलों पर इसका लाइव प्रसारण करेंगी. जिससे आप घर बैठे इस दुर्लभ दृश्य का आनंद ले सकेंगे.

इस समय ललगेगा सूर्य ग्रहण

अब अगर आप इस खास घटना की तारीख जानना चाहते हैं तो बता दें कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण श्रावण अमावस्या के दिन लगेगा. इसकी शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी. समापन अगली सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर होगा. यानी यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा.