दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन से जुड़े विवाद के बाद झज्जर जिले की निवासी सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। इस मामले में विपक्षी नेताओं द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद उनके परिवार ने अपनी बात रखी है।

झज्जर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित इंस्टाग्राम स्क्रीनशॉट के कारण केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत विवादों में घिर गई हैं। सीजेपी द्वारा प्रदर्शनकारियों के अनादर का आरोप लगाए जाने और तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की टिप्पणी के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। इसके साथ ही हरियाणा के झज्जर जिले स्थित सौलधा गांव से ताल्लुक रखने वाली सोनिया सहरावत का व्यक्तिगत व पेशेवर सफर भी चर्चा का विषय बन गया है।

पिता ने दी सफाई

विवाद गहराने के बाद सोनिया के पिता ज्ञानप्रकाश सहरावत ने मामले पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी। दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त निरीक्षक ज्ञानप्रकाश ने बताया कि घटना के पश्चात उनकी बेटी से सीधी बातचीत नहीं हो सकी है, लेकिन उन्हें जानकारी मिली है कि दिल्ली से उनका स्थानांतरण अंबाला कर दिया गया है और उनके हाथ में अस्थिभंग (फ्रैक्चर) हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि स्थिति से जुड़े संदर्भों पर विस्तृत जानकारी सोनिया खुद ही दे पाएगी।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा

सोनिया के पिता बहादुरगढ़ में स्कूल संचालन के साथ स्थानीय निकाय चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि उनकी माता निर्मला देवी परिवार के रेस्टोरेंट व्यवसाय की जिम्मेदारी संभालती हैं। परिवार में तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी सोनिया का छोटा भाई मोहित वायुसेना में फाइटर पायलट है और दूसरा भाई विकास कनाडा में रहता है। सोनिया के पति मोहित बाल्याण भी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से हैं और सीआरपीएफ में कार्यरत हैं।

पढ़ाई और प्रशासनिक सफर

सोनीपत के राई स्थित स्पोर्ट्स स्कूल से प्राथमिक शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत सोनिया ने दिल्ली विश्वविद्यालय के एसडीएम कॉलेज से इतिहास में स्नातकोत्तर किया। छात्र जीवन में नेतृत्व क्षमता दिखाते हुए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों का चुनाव भी लड़ा। किरण बेदी से प्रेरित होकर उन्होंने दो बार संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा दी और 2014 में सीआरपीएफ अधिकारी के रूप में चयन प्राप्त किया।

देश सेवा को प्राथमिकता

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने से पूर्व सोनिया की तैनाती श्रीनगर में भी रही थी और वर्तमान में उनका पदस्थापन जयपुर में बताया जाता है। उनकी कार्यशैली पर बात करते हुए पिता ज्ञानप्रकाश सहरावत ने कहा कि बचपन से ही अनुशासित और मेधावी रही सोनिया के लिए परिवार से पहले हमेशा राष्ट्र सेवा की प्राथमिकता रही है।