हरियाणा के सोनीपत में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर 29 साल तक नौकरी करने वाले पूर्व प्राचार्य राजेंद्र सिंह के खिलाफ पुलिस कार्रवाई शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग के आदेश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने डीसीपी कार्यालय पहुंचकर मामला दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत सौंपी है।

सोनीपत। जिले अंतर्गत गोहाना स्थित बरोदा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए पूर्व प्राचार्य राजेंद्र सिंह के खिलाफ फर्जी डिग्री के मामले में वैधानिक कार्रवाई तेज हो गई है। शिक्षा विभाग मुख्यालय से मिले लिखित निर्देशों के बाद खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने डीसीपी कार्यालय पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। अब पुलिस अधिकारी दस्तावेजों की समीक्षा कर एफआईआर दर्ज करने की धाराओं का चयन करेंगे।

सीएम विंडो शिकायत से खुलासा

यह पूरा मामला बरोदा स्कूल में तैनात शिक्षक राजबीर सिंह द्वारा सीएम विंडो पर दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि राजेंद्र सिंह ने राजनीति विज्ञान विषय में एमए की फर्जी शैक्षणिक डिग्री के आधार पर सरकारी सेवा प्राप्त की और वर्षों तक पद पर बने रहे। शिकायत के आधार पर शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच शुरू करते हुए संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन मगध विश्वविद्यालय से कराया, जहां से प्राप्त रिपोर्ट में उक्त स्नातकोत्तर डिग्री और अंकतालिका को पूरी तरह जाली करार दिया गया।

29 वर्षों की सेवा के बाद कार्रवाई

विश्वविद्यालय सत्यापन की रिपोर्ट मुख्यालय भेजे जाने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए पूर्व प्राचार्य पर मामला दर्ज कराने का आदेश दिया। इसी निर्देश का पालन करते हुए बीईओ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी राजेंद्र सिंह की नियुक्ति करीब 29 साल पहले पीजीटी (Post Graduate Teacher) पद पर हुई थी। इसके बाद नवंबर 2024 में उन्हें पदोन्नत कर प्राचार्य बनाया गया था, जहां से वे 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हुए। पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।