सोनीपत की फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के दोषी पवन को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 40 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।

संजीव घनगस, सोनीपत। जिले की एक अदालत ने दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी करीब डेढ़ साल पहले एक नाबालिग किशोरी को शादी की नीयत से भगाकर ले गया था। मामले में सोनीपत की नरेंद्र सिंह की फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कुल 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 40 हजार रुपये पीड़िता को मानसिक पीड़ा के लिए मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

क्या था पूरा मामला

सोनीपत के शहर गोहाना थाना क्षेत्र में शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी 13 नवंबर 2024 की शाम घर से लापता हो गई थी। आरोप लगाया गया कि पवन उसे शादी की नीयत से अपने साथ भगाकर ले गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 14 नवंबर 2024 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं

पुलिस जांच और पीड़िता के बयान सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के साथ बीएनएस की धारा 137(2) और 96 के तहत कार्रवाई की गई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया था।

तीन अलग-अलग धाराओं में सजा

फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की अदालत ने आरोपी पवन को सभी आरोपों में दोषी करार दिया। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

बीएनएस की धारा 137(2) के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं, बीएनएस की धारा 96 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 3 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

पीड़िता को मिलेगा मुआवजा

कोर्ट ने कुल 55 हजार रुपये के जुर्माने में से 40 हजार रुपये पीड़िता को मानसिक आघात और पीड़ा के लिए मुआवजे के रूप में देने के निर्देश दिए हैं।

सभी सजाएं एक साथ चलेंगी

कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी को सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इसके साथ ही मुकदमे के दौरान आरोपी द्वारा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। कोर्ट ने सजा के आदेश के बाद आरोपी को जिला जेल भेजने के लिए वारंट भी जारी कर दिया है।