ज्ञान भारद्वाज, गाजियाबाद. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी एक विवादित बयान के बाद मुश्किलों में घिर गए हैं. ब्राह्मण समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में उनके खिलाफ गाजियाबाद में FIR दर्ज की गई है. इस मामले ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. भाजपा नेताओं और ब्राह्मण संगठनों ने इस बयान को समाज का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. जानकारी के अनुसार भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. जिसके बाद उन पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया. वीडियो सामने आने के बाद ब्राह्मण संगठनों और भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई.

मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा नेता डॉ. अजय शर्मा ने गाजियाबाद के कविनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि राजकुमार भाटी की टिप्पणी से ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे सामाजिक तनाव पैदा हो सकता है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे बयान की जांच की जा रही है. इस विवाद के सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी भी समाज या वर्ग के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता. कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की भी. कई संगठनों ने प्रशासन से मिलकर भी विरोध दर्ज कराया. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि जातीय और सामाजिक मुद्दे प्रदेश की राजनीति में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं.

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राजकुमार भाटी ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार भाटी ने अपनी सफाई भी पेश की. उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और वीडियो का कुछ हिस्सा काटकर वायरल किया गया है. उनका दावा है कि उन्होंने किसी समाज का अपमान करने की मंशा से कोई बात नहीं कही थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका दुख है. हालांकि, विरोध करने वाले संगठन उनकी इस सफाई से संतुष्ट नजर नहीं आए. यह मामला सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है. ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग इस मुद्दे को लेकर अपनी राय दे रहे हैं. कुछ लोग राजकुमार भाटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक विवाद बताकर बयान के पूरे संदर्भ को देखने की बात कह रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स और पोस्ट्स ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है. कई यूजर्स ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है. गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है. वायरल वीडियो की जांच और उसके पूरे संदर्भ को समझने का प्रयास किया जा रहा है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार का सामाजिक तनाव पैदा न हो. उत्तर प्रदेश में यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है. भाजपा और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. भाजपा नेताओं ने इसे समाजवादी पार्टी की मानसिकता से जोड़कर हमला बोला है, जबकि समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा कि बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. माहौल में ऐसे मुद्दे तेजी से राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाते हैं. यही वजह है कि यह विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. विवाद बढ़ने के बीच कई सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है. उनका कहना है कि किसी भी विवादित बयान पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन समाज में तनाव पैदा करने वाली गतिविधियों से बचना जरूरी है.