जुबैर अंसारी/सुपौल। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और निगरानी को चाक-चौबंद करते हुए 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), बीरपुर ने दो अलग-अलग अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसबी के जवानों ने एक ओर जहां अवैध भारतीय मुद्रा के साथ एक तस्कर को दबोचा है वहीं दूसरी ओर मानव तस्करी के प्रयास को विफल करते हुए एक नाबालिग बालिका को सकुशल रेस्क्यू किया है।

​अवैध मुद्रा के साथ तस्कर गिरफ्तार

​सीमा चौकी कुनौली के अंतर्गत पिलर संख्या-223 के पास एसएसबी की टीम विशेष जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान नेपाल की तरफ से आ रहे एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली गई। पूछताछ में उसने अपनी पहचान कूचबिहार (पश्चिम बंगाल) निवासी इनामुल मियां के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके बैग से ₹1,44,600 की भारतीय मुद्रा बरामद हुई। युवक बरामद राशि का कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिसके बाद एसएसबी ने उसे हिरासत में लेकर बरामद नकदी के साथ कुनौली कस्टम विभाग को अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु सौंप दिया।

​प्रेमजाल में फंसाकर ले जाई जा रही नाबालिग रेस्क्यू

​दूसरे अभियान में सीमा चौकी शैलेशपुर के जवानों ने एक नाबालिग बालिका को मानव तस्करी के चंगुल से मुक्त कराया। 24 जून 2026 की सुबह लगभग 11:30 बजे, भारत से नेपाल जा रहे एक संदिग्ध युवक और नाबालिग लड़की को जवानों ने पूछताछ के लिए रोका। जांच में पता चला कि दरभंगा (बिहार) निवासी रितेश कुमार नामक युवक, नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाकर नेपाल ले जा रहा था। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम (AHTU) की मदद से तत्काल बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे भीमनगर थाना को सुपुर्द कर दिया गया है।

​एसएसबी की निरंतर सतर्कता

​इस सफल अभियान में निरीक्षक राघव कुमार झा, एएसआई भूपेन डेका और एएसआई भारत भूषण की भूमिका सराहनीय रही। कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि 45वीं वाहिनी सीमा पर हो रही अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। एसएसबी की यह कार्रवाई तस्करों और मानव तस्करों के मंसूबों को करारा झटका है। सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार के अवैध प्रवेश या तस्करी की घटनाओं को रोका जा सके।