हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी फसल के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू की है। नारायणगढ़ के एसडीएम ने किसानों से जल्द आवेदन करने की अपील की है।

राजेश वर्मा, अंबाला। हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने सूरजमुखी उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ (एमएफएमबी) पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू कर दी है। उपमंडल अधिकारी (नागरिक) शिवजीत भारती ने बताया कि यह निर्णय उन किसानों की सुविधा के लिए लिया गया है जो किन्हीं कारणों से निर्धारित तिथि 30 अप्रैल 2026 तक पंजीकरण नहीं करा पाए थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संज्ञान में मामला आने के बाद यह निर्देश दिए गए हैं। अब पात्र किसान अपने आवेदन जमा कर सरकारी खरीद का लाभ उठा सकते हैं। नारायणगढ़ प्रशासन ने किसानों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

पंजीकरण के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या है

एसडीएम शिवजीत भारती ने स्पष्ट किया कि जो किसान पंजीकरण से वंचित रह गए हैं, वे उपमंडल अधिकारी (नागरिक) कार्यालय में अपना लिखित आवेदन दे सकते हैं। आवेदन पत्र में भूमि का पूरा विवरण, खेवट और खसरा नंबर के साथ-साथ सूरजमुखी की खेती वाले क्षेत्र का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि आवेदन प्राप्त होने के बाद अगले तीन दिनों के भीतर दावों का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। यह समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि किसानों को अपनी उपज मंडियों में बेचने के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी कठिनाई का सामना न करना पड़े और उनका डेटा पोर्टल पर सही ढंग से अपडेट हो जाए।

सत्यापन और निगरानी की विशेष व्यवस्था

प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र तैयार किया है। सत्यापन के तुरंत बाद किसानों का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि उन्हें खरीद प्रणाली से जोड़ा जा सके। एसडीएम ने कहा कि विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि इस काम में किसी भी किसान को अनावश्यक देरी या असुविधा न हो। उन्होंने सभी सूरजमुखी उत्पादक किसानों से आग्रह किया कि वे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ तुरंत संपर्क करें और इस अवसर का लाभ उठाएं। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीद सुविधा से वंचित न रहे और उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिल सके।