Tamil Nadu Assembly Ruckus Video: मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के MISA यानी मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट (MISA) और पूर्व एमके स्टालिन सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर तमिलनाडु विधानसभा में जमकर बवाल हुआ। तमिलनाडु सीएम विजय (Tamil Nadu CM Vijay) के बयान को विधानसभा रिकॉर्ड से हटाने की मांग को लेकर डीएमके विधायकों ने पहले विरोध जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्पीकर के पोडियम को घेर लिया। स्थिति बिगड़ने पर स्पीकर JCD प्रभाकर ने मार्शलों को बुलाया। इसके बाद मार्शलों ने DMK विधायकों को सदन से बाहर निकाला। इसके बाद डीएमके एमएलए स्पीकर के चैंबर के बाहर धरने पर बैठ गए।

दरअसल मंगलवार (8 सितंबर) को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही DMK के सचेतक ईवी वेलु ने मुख्यमंत्री विजय द्वारा सोमवार को दिए गए भाषण में MISA और सरकरिया आयोग के संदर्भों पर आपत्ति जताई। उन्होंने मुख्यमंत्री के भाषण के उन हिस्सों को विधानसभा के रिकॉर्ड से हटाने की मांग की।

ईवी वेलु ने मुख्यमंत्री के इन दोनों संदर्भों को विधानसभा के नियमों के खिलाफ बताते हुए उन्हें रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। DMK विधायकों ने इस मांग का समर्थन करते हुए सदन में विरोध और नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं, राज्य के कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने मुख्यमंत्री विजय के बयान का बचाव किया। उन्होंने तत्कालीन DMK सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों को भी दोहराया। स्पीकर JCD प्रभाकर ने मुख्यमंत्री विजय के बयानों को रिकॉर्ड से हटाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केवल ऐसी जानकारी का उल्लेख किया है, जो पहले से सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। स्पीकर ने कहा कि मुरासोली मारन के बारे में जो कुछ चर्चा हुई, उन्होंने वही कहा। उन्होंने केवल ED की उस जानकारी का जिक्र किया, जो सार्वजनिक डोमेन में है।

स्पीकर के पोडियम के सामने पहुंचे DMK विधायक

स्पीकर के फैसले के बावजूद DMK विधायकों का विरोध नहीं रुका. विधायक नारेबाजी करते हुए स्पीकर के पोडियम के सामने पहुंच गए और मुख्यमंत्री विजय के बयानों को विधानसभा रिकॉर्ड से हटाने की मांग करने लगे। इस दौरान सदन में काफी हंगामा हुआ। DMK विधायकों के लगातार विरोध को देखते हुए स्पीकर प्रभाकर ने DMK विधायकों को अपनी सीटों पर वापस जाने के लिए एक मिनट का समय दिया। उन्होंने कहा कि अगर वे लौटते हैं तो KN नेहरू या ईवी वेलु को बोलने का मौका दिया जाएगा। चेतावनी के बाद भी DMK विधायकों का विरोध जारी रहा और उन्होंने नारेबाजी बंद नहीं की। एक प्रदर्शनकारी DMK विधायक स्पीकर के पास पहुंच गया। स्पीकर ने उसे वहां से हटने को कहा और निर्देश दिया कि वह बाहर जाए। जब DMK विधायकों की नारेबाजी और विरोध जारी रहा तो स्पीकर ने विधानसभा मार्शलों को उन्हें सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया। इसके बाद मार्शलों और वॉच एंड वार्ड स्टाफ ने विरोध कर रहे DMK विधायकों को विधानसभा हॉल से बाहर कर दिया। सदन से बाहर ले जाए जाते समय भी DMK विधायक नारेबाजी करते रहे।

स्पीकर के चैंबर के बाहर DMK का धरना

मुख्यमंत्री विजय की टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग को लेकर DMK विधायकों ने स्पीकर के चैंबर के बाहर भी धरना दिया। पार्टी ने मुख्यमंत्री के MISA संबंधी बयान और पूर्व DMK सरकार से जुड़े आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई।

सीएम विजय ने ये कहा था

विजय ने सोमवार को पूर्व DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक दस्तावेज का हवाला दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि ठेकेदारों से ठेकों की कुल रकम का 7.5 से 10 प्रतिशत तक ‘पार्टी फंड’ के रूप में देने के लिए कहा जाता था। मुख्यमंत्री ने यह रकम नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति विभाग के कामों से जुड़े ठेकों से कथित तौर पर जुटाए जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने वीरानम जल योजना के संदर्भ में सरकरिया आयोग की रिपोर्ट का भी जिक्र किया था।

‘इस्लाम सब धर्मों में श्रेष्ठ, सबको मस्जिद जाना चाहिए…’, कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी का बयान, कहा- मक्का जाना चाहता हूं, BJP भड़की

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m