टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है. मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में इस संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और इसे लेकर कॉम्प्रेहेंसिव प्लान तैयार करने के निर्देश दिए.
मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (TADA) पूरे क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीएमओ) के रूप में काम करेगा. उन्होंने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक और सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें टिहरी झील रिंग रोड का निर्माण, आईकोनिक ब्रिज और हरे-भरे पैदल मार्ग शामिल हों. जहां एक ओर एडवेंचर टूरिस्ट के साथ-साथ वेलनेस सेंटर्स हों तो दूसरी ओर ईको पार्क और प्राकृतिक व्यू पॉइन्ट्स भी हों. उन्होंने कहा कि इसमें फेजवाइज़ काम किया जा सकता है, परन्तु योजना एक बार में संपूर्ण रूप से तैयार की जाए.
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मुख्य सचिव ने टिहरी पहुंचने के लिए एंड टू एंड कनेक्टिविटी पर भी फोकस किए जाने के निर्देश दिए. उन्होंने मार्गों के चौड़ीकरण और सौन्दर्यीकरण किए जाने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि नए रूट्स की सम्भावनाएं भी तलाशी जाएं. उन्होंने साइट स्पेसिफिक कंस्ट्रक्शन पर जोर देते हुए पूरे क्षेत्र में ग्रीन एरिया और प्राकृतिक सौन्दर्यता को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. मुख्य सचिव ने परियोजना में वॉटरड्रोम और वॉटरपोर्ट को भी शामिल किए जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि आइकोनिक पुलों का निर्माण और डिजाइन सी-प्लेन परियोजना को ध्यान में रखते हुए किया जाए. उन्होंने डोबरा चांठी पुल के पास स्थित हेलीपैड को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं. मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोजना में कार्य करने वाली सभी संस्थाएं आपसी तालमेल के साथ कार्य करें.
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