कुंदन कुमार, पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा यह सख्त कार्रवाई शनिवार को पटना में हुए उग्र प्रदर्शन, झड़प और दंगा फैलाने के गंभीर आरोपों के बाद की गई है। इस पूरी घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है।

शनिवार देर रात पुलिस ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए कार्रवाई की। रात करीब 12:15 बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तेज प्रताप यादव को नौबतपुर थाने से लाकर पटना के छज्जू बाग स्थित मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया। मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजने का निर्देश दिया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उन्हें तुरंत बेउर जेल दाखिल करवा दिया।

​गांधी मैदान से शुरू हुआ था विरोध प्रदर्शन और गतिरोध

​यह पूरा मामला शनिवार सुबह उस समय शुरू हुआ जब तेज प्रताप यादव पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास स्थित एक प्रतिमा पर चढ़ गए और वहां जोरदार प्रदर्शन का नेतृत्व करने लगे। जानकारी के अनुसार, दिनभर उनका यह प्रदर्शन कोतवाली और गांधी मैदान थाना क्षेत्रों में छात्र संगठनों के साथ मिलकर जारी रहा। इस दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हुआ और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

​पुलिस कर्मियों पर पथराव और झड़प के बाद हुई सख्त कार्रवाई

​प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और पथराव शुरू हो गया। इस हिंसक झड़प और पथराव में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कई अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। कानून-व्यवस्था बिगड़ने और पुलिस बल पर हमले की इस घटना को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया।

​पटना सिटी सेंटर मॉल से गिरफ्तारी और एसएसपी का बयान

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दबिश बढ़ाई और अंततः तेज प्रताप यादव को पटना के सिटी सेंटर मॉल के पास से गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि तेज प्रताप यादव को दंगा फैलाने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से राजधानी पटना में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।