Dharm Desk – नाखून चबाने की आदत आम लग सकती है लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसे गंभीर संकेत माना गया है. कई लोग तनाव, खाली समय या घबराहट में अनजाने में यह आदत दोहराते रहते हैं, हालांकि, यह सिर्फ एक सामान्य आदत नहीं बल्कि स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और ज्योतिषीय दृष्टि से जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाली होती है.

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नाखूनों का संबंध शनि ग्रह से मानाय गया है. बार-बार नाखून चबाने से शनि दोष उत्पन्न हो सकता है. यदि कुंडली में पहले से ही शनि की स्थिति कमजोर बना है तो और अधिक अशुभ हो सकती है, ऐसा भी कहा जाता है कि जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अशांत होता है, तो वह अनजाने में इस प्रकार की आदतों का शिकार हो जाता है. यह एक तरह का संकेत भी माना जाता है कि ग्रहों का संतुलन बिगड़ रहा है.

शनि और सूर्य दोष का बढ़ जाता है प्रभाव

नाखून चबाने की आदत से केवल शनि दोष ही नहीं, बल्कि सूर्य दोष भी लग सकता है. इसका असर व्यक्ति के जीवन के कई क्षेत्रों पर पड़ता है. नौकरी में अस्थिरता, व्यापार में मंदी, सामाजिक प्रतिष्ठा में गिरावट और पारिवारिक कलह जैसी समस्याएं सामने आ सकती है. ज्योतिष के अनुसार यह आदत जीवन में रुकावटों और बाधाओं को बढ़ाने वाली मानी जाती हैं.

उंगलियों के अनुसार बताए गए है अलग संकेत

ज्योतिष में हर उंगली का अपना महत्व होता है, अलग-अलग उंगलियों के नाखून चबाने के अलग संकेत बताए गए हैं.

  1. तर्जनी उंगली: इसका नाखून बार-बार टूटना जीवन में लगातार समस्याओं के बने रहने का संकेत माना जाता है.
  2. मध्यमा उंगली: इस उंगली को चबाने से मानसिक तनाव, दिल टूटने जैसी स्थितियां और भावनात्मक अस्थिरता बढ़ सकती है.
  3. कनिष्ठा उंगली: इसके नाखून चबाने से दांपत्य जीवन में कड़वाहट और रिश्तों में दूरी आने की आशंका बताई जाती है.

वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी देता है चेतावनी

विज्ञान के अनुसार, नाखून चबाना एक प्रकार की मनोवैज्ञानिक आदत है, जिसे बॉडी-फोकस्ड रिपिटिटिव बिहेवियर माना जाता है. नाखूनों में मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते है. जिससे पेट संबंधी संक्रमण, दांतों की समस्या और त्वचा रोग होने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा यह आदत आत्मविश्वास की कमी और तनाव का भी संकेत मानी जाती है.