रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को कांग्रेस ने नकटी गांव में घर तोड़े जाने के मामले पर विशेष स्थगन प्रस्ताव लाया, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।इस दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए नकटी में हुई तोड़फोड़ की कार्यवाही को पूरी तरह संवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अतिक्रमण हटाने की वैध प्रक्रिया थी और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है।

राजस्व मंत्री के बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें संविधान संपत्ति धारण करने का अधिकार देता है, बुलडोजर चलाने का अधिकार किसी को नहीं देता। मोहम्मद अकबर ने राज्यपाल पर भी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि नकटी के प्रभावित ग्रामवासियों को राज्यपाल ने मिलने का समय नहीं दिया, जिससे पीड़ित परिवार बेहद निराश हैं। उनसे यह उम्मीद नहीं थी।

कांग्रेस ने निकाली पदयात्रा, राज्यपाल ने मिलने के लिए नहीं दिया समय

बता दें कि आज ही रायपुर के नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में दीपक बैज के नेतृत्व में ग्रामीणों के साथ कांग्रेसियों ने लोकभवन तक 14 किलोमीटर की पदयात्रा की, लेकिन राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो सकी। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा पर समय नहीं दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि यदि तीन दिन में राज्यपाल से मुलाकात का समय तय नहीं होता है तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने पुलिस पर मारपीट का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों ने ‘नकटी में ही घर बनाओ’ के नारे लगाते हुए सरकार से गांव में ही पुनर्वास की मांग की।

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