लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसिक रूप से दिव्यांग और निराश्रित लोगों के लिए संचालित आश्रय गृहों और हाफ वे होम में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने का फैसला किया है। अब प्रति व्यक्ति हर महीने 2,000 रुपये की जगह 3,000 रुपये दिए जाएंगे।

गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले लोग पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। ऐसे में उन्हें अच्छा भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

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हर जिले में लगे शिविर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में नियमित रूप से दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण वितरण शिविर लगाए जाएं और जरूरतमंद लोगों को कृत्रिम अंग व अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने श्रवण बाधित बच्चों की जल्द पहचान कर समय पर कॉक्लियर इम्प्लांट और उसके बाद पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

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12.23 लाख से अधिक को मिला पेंशन का लाभ

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दिव्यांग पेंशन, कृत्रिम अंग वितरण, शादी-विवाह प्रोत्साहन, निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, कॉक्लियर इम्प्लांट और मुफ्त बस यात्रा जैसी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 12.23 लाख से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजना का लाभ उठा चुके हैं, जबकि 34 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं।

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इसके अलावा, 226 श्रवण बाधित बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट कराया जा चुका है और इस वर्ष 68 जिलों में 335 बच्चों की पहचान की गई है। प्रदेश में बचपन डे-केयर सेंटर और विशेष विद्यालयों की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है, जहां दिव्यांग बच्चों को मुफ्त शिक्षा, छात्रावास, भोजन, स्वास्थ्य जांच और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।