Dharm Desk – आज के डिजिटल दौर में अब कुंडली की बेसिक जानकारी के लिए पंडित या ज्योतिषी के पास जाने की जरूरत नहीं रही है कोई भी आम व्यक्ति अपने मोबाइल या कंप्यूटर में मौजूद ज्योतिष सॉफ्टवेयर या ऐप के जरिए अपनी जन्म कुंडली आसानी से बना सकता है. इसके लिए आपको सिर्फ अपनी जन्म तारीख, समय और स्थान दर्ज करना होता है और कुछ ही सेकंड में आपकी पूरी कुंडली स्क्रीन पर आ जाती है. जिसमें कुंडली में 12 भाव (हाउस) और 9 ग्रहों की स्थिति दिखाई देती है. जिनके आधार पर जीवन के अलग-अलग पहलुओं का अनुमान लगाया जाता है.

कैसे पहचानें कौन सा ग्रह किस भाव में है

जब आप किसी ज्योतिष ऐप या वेबसाइट पर कुंडली बनाते हैं तो आपको एक चार्ट दिखाई देता है जिसमें 12 खाने होते हैं. ये ही 12 भाव होते हैं. हर खाने में कोई न कोई ग्रह लिखा होता है. जैस सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र आदि. इसी से पता चलता है कि कौन सा ग्रह किस भाव में बैठा है. खासतौर पर दूसरा भाव धन और संपत्ति से जुड़ा होता है. इसलिए इसे ध्यान से देखना बेहद जरूरी होता है.

दूसरा भाव बताता है आपकी आर्थिक स्थिति

जन्म कुंडली का दूसरा भाव धन, बचत और परिवार की आर्थिक स्थिति का प्रति निधित्व करता है. यदि इस भाव में शुभ ग्रह जैसे बृहस्पति, शुक्र या चंद्रमा मजबूत स्थिति में हो तो व्यक्ति के पास धन की कमी नहीं रहती है. ऐसे लोग जीवन में आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं और उन्हें ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ता है.

दूसरे भाव में सूर्य और बुध एक साथ

वहीं यदि दूसरे भाव में सूर्य और बुध एक साथ हों, तो पैसा टिकने में परेशानी आती है. ऐसे लोग कमाते तो हैं, लेकिन बचत नहीं कर पाते हैं.

इन योगों से बनती है गरीबी की स्थिति

यदि दूसरे भाव में बुध हो और उस पर चंद्रमा की दृष्टि पड़ रही हो तो व्यक्ति को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे लोग मेहनत तो बहुत करते हैं, लेकिन धन जमा नहीं कर पाते है.

बारहवें भाव में कोई ग्रह न हो

इसके अलावा यदि चंद्रमा अकेला हो और उसके बारहवें भाव में कोई ग्रह न हो, तो यह भी जीवन में आर्थिक संघर्ष का संकेत देता है. वहीं दूसरे भाव में चंद्रमा पर बुध की दृष्टि होने से पारिवारिक धन में भी नुकसान होने की संभावना रहती है.

ऐसे बनते हैं धनवान योग

यदि दूसरे भाव में शुभ ग्रहों की स्थिति मजबूत बनी रहे खासकर चंद्रमा का स्थान अच्छा हो, तो व्यक्ति को धन की कमी नहीं रहती. ऐसे लोगों को जीवन में सुख-सुविधाएं आसानी से मिलती हैं. आर्थिक स्थिरता बनी रहती है. इसके अलावा भी धनवान होने के अन्य योग भी होते हैं.