Dharm Desk- ज्येष्ठ की तपती चिलचिलाती धूप में जहां इंसान ही नहीं बल्कि प्रकृति भी गर्मी से बेहाल रहती है. वहीं भगवान शिव को शीतलता पहुंचाने के लिए गन्ने के रस से अभिषेक करना बेहद शुभ और उन्हें प्रसन्न करने वाला होता है. इस शीतलता से भोलेनाथ तुरंत प्रसन्न होते हैं और भक्ति की सभी तरह की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं.

दोपहर का कौन सा समय सबसे उत्तम रहेगा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गन्ने के रस से अभिषेक दोपहर 11:30 बजे से 2:30 बजे के बीच करना सबसे उत्तम होगा. इस समय सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है. ऐसे में शिवलिंग पर ठंडी और मीठी चीज अर्पित करने से भगवान शिव को विशेष शांति मिलती है. हालांकि कई लोग सुबह भी करते है, लेकिन दोपहर का समय ज्यादा प्रभावशाली बताया गया है.
अभिषेक करने का सही तरीका क्या होगा
सबसे पहले दोपहर के समय साफ कपड़े पहन लें. फिर शिवलिंग के पास बैठकर पहले सादा जल शिवलिंग को अर्पित करें. इसके बाद धीरे-धीरे गन्ने का ताजा रस चढ़ाएं. ध्यान रहे रस बिलकुल ताजा होना चाहिए, ज्यादा देर पुराना रस चढ़ाना सही नही होगा. अभिषेक के बाद फिर से जल चढ़ाकर शिवलिंग को शुद्ध कर लें. अंत में बेलपत्र, फूल आदि अर्पित करें.
अभिषेक के दौरान कौन से मंत्र का जाप करें
इस दौरान ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप सबसे सरल और प्रभावी माना गया है. इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कर सकते है. कहते है कि इस मंत्र के जाप से जीवन की कई परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती है.
गन्ने के रस के अभिषेक से क्या लाभ मिलता है
गर्मी के दिनों में गन्ने के रस से अभिषेक करने से जीवन की कड़ वाहट दूर होती है. रिश्तों में मिठास आती है. साथ ही आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने की भी बात कही जाती है. अगर आप इस भीषण गर्मी में कोई सरल और असरदार उपाय करना चाहते हैं, जिससे भोलेनाथ तुरंत प्रसन्न हो जाए तो गाने के रस का अभिषेक सबसे अच्छा माना गया है.

