Tikaram Julie Yamuna Waterः नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने यमुना जल समझौते को लेकर राज्य सरकार और भाजपा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार केवल बैठकों और फोटो सेरेमनी तक सीमित दिख रही है, लेकिन जमीन पर पानी अब तक नहीं पहुंचा।

जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी इस मुद्दे पर फोटो खिंचवा चुके हैं और अब फिर वही दोहराया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि समझौते और घोषणाओं के बीच असल में पानी कब मिलेगा, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
MOU और MOA को लेकर तंज
मंत्री सुरेश रावत के बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पहले MOU की बात थी और अब MOA की चर्चा हो रही है। लेकिन जनता के लिए असली सवाल यही है कि पानी आखिर कब तक पहुंचेगा।
टीकाराम जूली ने कहा कि पहले ईआरसीपी योजना थी, फिर उसका नाम बदलकर PKC और बाद में रामजल सेतु कर दिया गया। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से समस्या हल नहीं होती, जरूरत जमीन पर काम की है।
हमको अपने हिस्से का पानी चाहिए
उन्होंने कहा कि समझौता ऐसा होना चाहिए जिसमें राजस्थान को उसके हिस्से का पानी तय समयसीमा में मिले। हरियाणा द्वारा पहले पानी लेने और बाद में राजस्थान को देने का मॉडल उचित नहीं है। जूली ने राज्य के विभिन्न विभागों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं की हालत ठीक नहीं है और कई जगह नकली दवाओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
UCC पर प्रतिक्रिया
यूसीसी (Uniform Civil Code) को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी किसी भी बिल पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी और जब प्रस्ताव आएगा तभी इस पर स्पष्ट राय दी जा सकती है।
पढ़ें ये खबरें
- ‘मुख्यमंत्री ने की अच्छी पहल…’, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पूर्व मंत्री मंगल पांडे का बड़ा बयान
- नशा तस्कर के अवैध साम्राज्य पर गरजा प्रशासन का पीला पंजा, जमींदोज़ हुआ आलीशान मकान
- बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार : महारानी अस्पताल के कायाकल्प के लिए 7 करोड़ से अधिक का प्रस्ताव तैयार
- मंदिरों की जमीन को लेकर सरकार और पुजारियों में आर-पार, हनुमान टेकरी पर परिवार सहित सत्याग्रह पर बैठे सैकड़ों पुजारी
- नूंह में DTP का बड़ा एक्शन: तावड़ू में 4 एकड़ में बनी दो अवैध कॉलोनियां मलबे में तब्दील
