राकेश कथूरिया, कैथल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर और एडीआर सेंटर कैथल में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और हरित वातावरण को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम की शुरुआत जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंचन माही ने पौधारोपण कर की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है। प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन की अमूल्य धरोहर हैं और इनके बिना स्वस्थ व संतुलित पर्यावरण की कल्पना संभव नहीं है।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कैथल कंवल कुमार सहित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ श्रेणी के सिविल न्यायाधीश और अन्य न्यायिक अधिकारियों ने पौधारोपण किया।
विभिन्न प्रकार के छायादार और फलदार पौधे लगाए गए
न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार और फलदार पौधे लगाए गए। अधिकारियों ने कहा कि वृक्षारोपण जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने का प्रभावी माध्यम है। पेड़ न केवल पर्यावरण को स्वच्छ बनाते हैं, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी बेहद जरूरी हैं।
कार्यक्रम के दौरान सभी न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, न्यायालय कर्मचारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया।

