अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर तीखा बयान देते हुए दावा किया है कि हालिया युद्ध ने तेहरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह तबाह कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब पहले जैसा देश नहीं रहा और उसके पास न प्रभावी एयर फोर्स बची है, न नेवी और न ही पर्याप्त रक्षा प्रणाली।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर किए गए कई पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “युद्ध ने ईरान को बेहद कमजोर कर दिया है। उसके पास अब एयर फोर्स, नेवी, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम, रडार या वास्तव में कुछ भी नहीं बचा है।”

डेमोक्रेट्स पर साधा निशाना

ट्रंप ने अपने राजनीतिक विरोधियों, खासकर डेमोक्रेट्स, पर भी हमला बोला। उन्होंने उन दावों का मजाक उड़ाया जिनमें कहा जा रहा है कि ईरान कुछ महीने पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में हो सकता है।

उन्होंने कहा, “डेमोक्रेट्स दावा कर रहे हैं कि ईरान चार महीने पहले से ज्यादा मजबूत है। क्या आप सोच सकते हैं कि वे ऐसे बयानों से भी बच निकलते हैं? कुछ लोग कितने मूर्ख हो सकते हैं?”

“बातचीत के लिए अमेरिका नहीं, ईरान आया”

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि युद्ध के बाद बातचीत की पहल अमेरिका ने नहीं बल्कि ईरान ने की थी। उन्होंने कहा, “हम किसी मजबूरी में बातचीत के लिए नहीं गए। ईरान खुद हमारे पास आया क्योंकि वह पूरी तरह टूट चुका है।”

राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपनी मौजूदा रणनीति पर कायम रहेगा और तेहरान को किसी भी प्रकार की वित्तीय राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “60 दिनों तक बातचीत हो सकती है, लेकिन ईरान को अमेरिका से एक पैसा भी नहीं मिलेगा।”

युद्धविराम और नई कूटनीतिक पहल

इस बीच, बुधवार को ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से 14-सूत्रीय मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य 28 फरवरी से अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करना बताया गया है।

समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक परमाणु कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को लेकर बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि समझौते के तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलेगा, जबकि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटाएगा।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m