दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर इलाके में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक पुराने मकान से तेज बदबू आने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो घर के भीतर दो बुजुर्ग महिलाओं के शव संदिग्ध हालत में पड़े मिले। मृतकों की पहचान 80 वर्षीय चंद्रकांता और उनकी ननद सरोज बाला के रूप में हुई है।
घरेलू सहायिका की सतर्कता से हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार, रोजाना की तरह सुबह सफाई करने पहुंची घरेलू सहायिका ने देखा कि घर के सभी दरवाजे अंदर से बंद हैं और भीतर से बदबू आ रही है। शक होने पर उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई।
एक शव बिस्तर पर, दूसरा फर्श पर मिला
पुलिस के मुताबिक, घर के एक कमरे में चंद्रकांता का शव बिस्तर पर पड़ा था, जबकि सरोज बाला का शव बिस्तर के नीचे फर्श पर मिला। गर्मी के कारण शवों से दुर्गंध आने लगी थी। शुरुआती जांच में किसी प्रकार की जबरन घुसपैठ या लूटपाट के संकेत नहीं मिले हैं।
बीमारी बनी मौत की वजह?
बताया जा रहा है कि चंद्रकांता अस्थमा की मरीज थीं और इनहेलर का इस्तेमाल करती थीं। पुलिस को कमरे में इनहेलर दूर रखा मिला। आशंका जताई जा रही है कि रात के दौरान समय पर इनहेलर न मिलने से उनकी तबीयत बिगड़ी हो सकती है। वहीं, सरोज बाला चलने-फिरने में असमर्थ थीं और संभवतः गिरने के बाद उनकी भी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
लंबे समय से अकेले रह रही थीं दोनों महिलाएं
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों महिलाएं वर्षों से न्यू राजेंद्र नगर स्थित करीब 200 वर्गमीटर के पुराने एक मंजिला मकान में साथ रह रही थीं। सरोज बाला अविवाहित थीं, जबकि चंद्रकांता उनके दिवंगत भाई की पत्नी थीं। दोनों की देखभाल के लिए दो घरेलू सहायिकाएं नियुक्त थीं, जो सुबह-शाम खाना और साफ-सफाई का काम करती थीं।
प्रॉपर्टी एंगल की भी जांच
सूत्रों के अनुसार, जिस मकान में दोनों महिलाएं रह रही थीं उसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। ऐसे में पुलिस इस संभावना को भी नजरअंदाज नहीं कर रही कि कहीं संपत्ति विवाद या किसी साजिश के तहत खाने में जहरीला पदार्थ तो नहीं मिलाया गया। हालांकि, अब तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत
घटना की सूचना मिलते ही क्राइम टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और कई नमूने एकत्र किए। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए आरएमएल अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया है। पुलिस रिश्तेदारों, घरेलू सहायिकाओं और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस का बयान
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन मामले की हर एंगल से जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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