देहरादून. मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने आज कुमांऊ एवं गढ़वाल के मंडल आयुक्तों (रोल ऑब्जर्वर) के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समीक्षा की. बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि दोनों मंडलों में मंडलायुक्त जनपदों की फील्ड विजिट कर ऐसे पोलिंग बूथ का भ्रमण करें जहां “अनकलेक्टेबल” श्रेणी में मार्क मतदाताओं की संख्या अधिक है. उन्होंने निर्देश दिए कि मंडलायुक्त, डीईओ-ईआरओ द्वारा जांच की गई एसएसडी सूची की भी समीक्षा करें.

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि बूथ लेवल अधिकारी ऐब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ (ASD) सूची में शामिल मतदाताओं के गणना फार्म पर यथोचित टिप्पणी अवश्य अंकित करें. ऐसी प्रत्येक टिप्पणी पर बीएलओ सहित बूथ अवेयरनेस ग्रुप के सदस्यों के हस्ताक्षर प्राप्त करें.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि आगामी 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियों के निस्तारण के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 ईआरओ के साथ ही 800 एईआरओ की भी तैनाती की गई है. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जनपद इस बात का विशेष ध्यान रखें कि नोटिस फेज में किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी ना हो.

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए कि पहाड़ी क्षेत्रों में दावे आपत्तियों के निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर कैंम्प लगाने हेतु रोस्टर तैयार किया जाए. मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अतरिक्त नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड लेवल पर कैंप का रोस्टर तैयार किया जाए.