देहरादून. सिलक्यारा में किए गए आपदा प्रबंधन को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, सिलक्यारा में किए गए आपदा प्रबंधन की ब्रिक्स (BRICS) देशों के प्रतिनिधियों ने सराहना की है और हमारे आपदा प्रबंधन मॉडल की भी सराहना की है. अच्छा लगा. प्रस्तुतीकरण करने वाले लोगों को बहुत-बहुत बधाई.

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आगे हरीश रावत ने कहा, मगर हमको इस प्रशंसा को वास्तविकता के धरातल पर उतारना है. धराली से लेकर थराली, कपकोट की कनलगढ़ घाटी, रुद्रप्रयाग के छेनागाड़ (बसुकेदार क्षेत्र) और इन गांवों सहित मुनस्यारी क्षेत्र में जो आपदा पीड़ित हैं, जरा उनसे भी पूछना पड़ेगा. हमारी यह प्रशंसा उनके स्तर पर कहां तक सही है? उस वास्तविकता के धरातल को देखना पड़ेगा और हमको उन गांवों की नजर से भी देखना पड़ेगा, जो वर्षों से अपने खतरे के अस्तित्व को झेल रहे हैं.

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हरीश रावत ने ये भी कहा कि राजनीतिक नेतृत्व को प्रशंसा के साथ-साथ जो चुनौतियां खड़ी हैं, उन चुनौतियों का भी आंकलन करना चाहिए और मैं समझता हूं कि राज्य का राजनीतिक नेतृत्व उन चुनौतियों की मेरी तरह वास्तविकता के धरातल पर समीक्षा करेगा.