देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. हरीश रावत ने कहा, भाजपा के राज में यूं तो हर कर्मशील प्राणी शोषित है और सबसे ज्यादा शोषित हैं बेरोजगार, शिक्षित नौजवान लड़के-लड़कियां. दूसरे नंबर पर आंगनबाड़ी, भोजन माताएं, आशाएं, महिला समाख्या आदि हैं और तीसरे नंबर पर हमारे आदरणीय शिक्षक, चाहे वे अतिथि शिक्षक हों या PTA, वे सब शोषण के शिकार हैं.

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आगे हरीश रावत ने कहा कि अब एक नया फंदा, शिक्षक पात्रता परीक्षा. उद्देश्य स्पष्ट है कि 25-30, 10-20 हजार Teacher इसको Qualify नहीं कर पाएंगे, तो उनको नौकरी से हटा दिया जाएगा. भैया, माननीय मंत्रीगणों! आप में से कुछ लोग ग्रेजुएट होंगे और आज आपसे हाईस्कूल की परीक्षा में बैठा दिया जाए, तो आप तीसरे नंबर पर आना तो छोड़िए, पास भी नहीं होंगे. आप ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट को ट्रेंड कर सकते हैं, सिखा सकते हैं, लेकिन आप परीक्षा पास नहीं कर पाओगे.

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हरीश रावत ने आगे कहा कि परीक्षा पास करने की एक मानसिकता होती है. शिक्षक उस मानसिकता से बाहर आ गए हैं. उन पर TET थोपना सर्वथा अनुचित है. यह उनका मानसिक शोषण भी है और उनके भविष्य को अनिश्चित बनाना भी है. मैं 10 जून को, ऐसे सभी शोषित लोगों के हित-साधन के लिए अपने देहरादून स्थित आवास में 1 घंटे का मौन व्रत रखूंगा.