देहरादून. मणिपुर में नागा-कुकी समाज के बीच भड़की हिंसा की आग अब तक शांत नहीं हुई है. हिंसा की आग कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है. हिंसा ऐसी कि दोनों समुदाय के लोगों एक-दूसरे की लाशें बिछा रहे हैं. स्थिति इतनी भयावह कि राष्ट्रपति शासन लगाया गया है. मणिपुर में भड़की हिंसा को लेकर विपक्षी दल मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं. इन सबके बीच उत्तराखंड के नेता विपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा और मोदी सरकार पर निशाना साधा है.

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यशपाल आर्य ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, मणिपुर सालों से जल रहा है, और बीते दिनों फिर नफ़रत और हिंसा की आग में 20 घर राख हो गए! दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन के बावजूद संघर्ष गहराता ही जा रहा है. हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, अनगिनत परिवार उजड़ गए हैं. मणिपुर जिस असहनीय पीड़ा से गुज़र रहा है, उसकी कल्पना भी मुश्किल है.

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आगे यशपाल आर्य ने ये भी कहा कि यह मोदी सरकार की उस विभाजनकारी विचारधारा का नतीजा है, जो लोगों को धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के नाम पर बांटती है. आज मणिपुर ही नहीं, पूरा देश प्रधानमंत्री से संवेदना के दो शब्द की भी उम्मीद छोड़ चुका है, कार्रवाई की बात तो दूर गई. मणिपुर बेहतर का हक़दार है और इसके लिए भारत जोड़ना ही एकमात्र रास्ता है.