मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. रामनगरी अयोध्या में संत भेषधारी एक कथावाचक को लेकर उस समय सनसनी फैल गई, जब इलाहाबाद निवासी एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देवेंद्र पाठक पर शादी और धोखे के गंभीर आरोप लगाए. महिला का दावा है कि उसने वर्ष 2014 में देवेंद्र पाठक से विवाह किया था और दोनों से एक बेटा भी है.
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विवाह के बाद दूसरी महिला के साथ रहने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि वैवाहिक संबंध होने के बावजूद देवेंद्र पाठक वर्तमान में एक अन्य महिला के साथ रह रहे है. महिला ने अपने दावों को सार्वजनिक करते हुए कहा कि कथावाचक की संत वाली छवि के पीछे वैवाहिक जीवन से जुड़ा गंभीर विवाद छिपा है. महिला ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ-साथ अयोध्या के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है. महिला ने यह भी दावा किया है कि देवेंद्र पाठक पर पूर्व में यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लग चुके हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
कथावाचक ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं महिला के आरोपों पर कथावाचक देवेंद्र पाठक ने टेलीफोन वार्ता के दौरान स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने आरोपों को गलत और निराधार बताते हुए कहा कि 2016 से पारिवारिक विवाद न्यायालय में लंबित है और इलाहाबाद न्यायालय में तीन अलग-अलग पारिवारिक वाद चल रहे हैं. उनका कहना है कि महिला ने छवि धूमिल करने की मानसिकता से आरोप लगाए हैं. देवेंद्र पाठक ने कहा कि महिला ने स्वयं कोर्ट में वाद दायर किया है, तो उसे फैसले की प्रतीक्षा करनी चाहिए. कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसका आदर और पालन किया जाएगा.
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जांच के बाद ही खुलेगी सच्चाई
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 2014 में वास्तव में विवाह हुआ था? क्या दोनों की संतान है? और यदि महिला के आरोप सही हैं, तो वैवाहिक संबंध के बावजूद दूसरी महिला के साथ रहने के आरोपों की हकीकत क्या है? महिला की शिकायत और कथावाचक के स्पष्टीकरण के बाद अब निगाहें प्रशासनिक जांच और न्यायालय के फैसले पर टिक गई हैं.



