नगीना. बीते दिन झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र से 9 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आय़ा था. जिसके बाद पंचायत लगाकर पीड़िता के परिवार का समाजिक बहिष्कार कर दिया गया और आरोपी के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने का भी दबाव बनाया गया. जिसे लेकर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. इतना ही नहीं योगी सरकार को चेतावनी देते हुए न्याय देने की मांग की है.
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नगीना सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि पीड़ित मासूम बेटी के परिवार को बहिष्कार व सजा, आरोपियों को खुला संरक्षण-अपराध से कम नहीं! झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय मासूम कुशवाहा बेटी के साथ छेड़छाड़ के बाद उसके परिवार को जिस तरह प्रताड़ित किया गया, वह बेहद गंभीर और शर्मनाक है. 28 जुलाई की घटना के बाद परिजनों ने कानूनी कार्रवाई की. 2 अगस्त को पंचायत लगाकर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दूध-पानी, दुकान, खेत और रास्ते तक बंद करने का फरमान सुनाया गया.
आगे उन्होंने कहा कि 3 अगस्त को दोबारा पंचायत लगाकर परिवार पर आरोपी को माफ करने और छेड़छाड़ की शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया. परिवार के अनुसार, इसी दौरान विरोध करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी गईं. इसके बावजूद दबाव और उत्पीड़न नहीं रुका. 5 सितंबर को पीड़ित परिवार के सदस्य के साथ बेरहमी से मारपीट की गई. परिवार का आरोप है कि यह हमला शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने की कड़ी का हिस्सा था.
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चंद्रशेखर ने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, पीड़ित किसी भी बेटी के परिवार को इस तरह डराकर न्याय से वंचित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यूपी सरकार तत्काल पीड़ित परिवार को सुरक्षा दे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर छेड़छाड़, सामाजिक बहिष्कार, धमकी, दबाव और मारपीट के लिए जिम्मेदार सभी लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे.



