अयोध्या. राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में बड़ी खबर सामने आई है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी का बड़ा बयान सामने आया है. गोविंद देव गिरी ने दोनों के इस्तीफे की पुष्टि की है. साथ ही दावा किया कि श्रद्धालुओं की चांदी की ईंटें, आभूषण आदि हिसाब के साथ सुरक्षित हैं.
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बता दें कि गबन के आरोपों के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम काफी चर्चा में था. एसआईटी ने चढ़ावे में गबन के आरोपों के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और गोपाल राव से लंबी पूछताछ की थी. राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में एसआईटी (SIT) लगातार सवाल-जवाब कर रही थी. बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान टीम ने दोनों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए थे. जांच दल ने राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और चोरी की पूरी प्रक्रिया पर गहराई से सवाल उठाए थे.
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चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू से भी पूछताछ हुई थी, जिसमें उसने अनिल मिश्रा पर कैश की जिम्मेदारी होने का खुलासा किया था. इस मामले में अब तक तीन अलग-अलग थानों में शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी. इससे पहले जांच के दौरान जो बातें सामने आई उसमें मंदिर में चढ़ावे की गिनती और उससे जुड़े कर्मचारियों की तैनाती में बैंक, आउटसोर्सिंग कंपनी और ट्रस्ट की भूमिका जांच के घेरे में हैं.
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बड़ा खुलासा ये था कि बैंक ने कर्मचारियों को कंपनी के जरिए आउटसोर्सिंग पर रखा था, लेकिन कर्मचारी ट्रस्ट की ओर से तय किए गए थे. यानी जिन लोगों को चढ़ावे की गिनती जैसे संवेदनशील काम में लगाया गया, वे या तो किसी पदाधिकारी के परिचित बताए जा रहे थे या उनसे जुड़ा नेटवर्क रखते थे.

