अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. जिले में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ डीएम और एसपी के निर्देश पर जून माह में 75 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 53 को सीज कर किया गया. एआरटीओ डॉ सर्वेश गौतम ने बताया कि 115 चालकों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई. वहीं 1 जुलाई से अवैध स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलेगा. बिना वैध दस्तावेज मिलने पर स्कूल प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज होगी.

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बता दें कि जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में गठित संयुक्त टास्क फोर्स ने जून माह में व्यापक अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है. परिवहन, पुलिस, खनन, सेल टैक्स और प्रशासनिक विभागों की संयुक्त टीम ने एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम और यात्री मालकर अधिकारी अनीता वर्मा के नेतृत्व में अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान 75 ओवरलोड वाहनों का चालान किया गया, जबकि 53 वाहनों को सीज कर विभिन्न थानों में खड़ा कराया गया. इस अभियान के तहत लगभग 50.63 लाख रुपये का प्रशमन शुल्क (जुर्माना) सरकारी कोष में जमा कराया गया. इसके अलावा 115 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित करने औऱ 90 वाहनों के परमिट निरस्त करने की संस्तुति भी की गई है.

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जिला प्रशासन ने अब 1 जुलाई 2026 से अवैध रूप से संचालित स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाने की घोषणा की है. सभी स्कूल बसों के लिए वैध फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) अनिवार्य किया गया है. बिना वैध दस्तावेजों के संचालित स्कूल वाहन मिलने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. वहीं बिना रजिस्ट्रेशन या फिटनेस के सड़क पर दौड़ते पाए गए स्कूली वाहनों को जब्त कर नियमानुसार स्क्रैप किए जाने की कार्रवाई भी होगी.

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एआरटीओ डॉ. सर्वेश गौतम ने अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधकों से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और केवल वैध दस्तावेजों वाले वाहनों का ही संचालन एवं उपयोग सुनिश्चित करें. प्रशासन ने साफ किया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.