कृष्ण कुमार मिश्र, जौनपुर. अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रुपाली सक्सेना की अदालत ने खेतासराय थाना क्षेत्र के कलापुर में शराब के ठेके के पास हुए विवाद में वादी के पुत्र की गैर इरादतन हत्या करने के दोषी राममिलन और राकेश राजभर को कोर्ट ने 10 वर्ष की सजा और दोनों को 31,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाया. जुर्माना की धनराशि मृतक की पत्नी मंजू देवी को देने का आदेश हुआ.
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बता दें कि वादी रामदयाल निवासी कलापुर ने थाना खेतासराय में प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 8 सितंबर 2011 को रात 10:30 बजे कलापुर शराब ठेके के सामने नशे में वादी का लड़का रामफेर और पड़ोसी राममिलन मारपीट किया. बीच बचाव करने पन्नालाल पहुंचे तो उन्हें भी राममिलन ने डंडे से मारा. इसके बाद वादी का लड़का घर आ गया. तब राममिलन, राकेश, प्रवीण और करिया वादी के घर पर आए. इस दौरान घर में घुसकर रामफेर को बाहर लाए और हॉकी डंडे से मारा पीटा. बीच बचाव करने रामफेर की पत्नी मंजू पहुंची तो उसे उठाकर गड्ढे में फेंक दिया.
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वहीं शोर पर गांव के हरिहर और सेवालाल पहुंचे तो उन्हें भी आरोपी ने मारा-पीटा. गांव के अन्य लोगों के आने पर आरोपी भाग गए. रामफेर को सरकारी अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया. घायलों का इलाज चला. पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी प्रस्तुत किया. सरकारी वकील आशीष कुमार सिंह ने कोर्ट में गवाहों का बयान दर्ज कराया कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर राममिलन और राकेश को दोषी पाते हुए सजा सुनाया.

