बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बस्ती में 504 करोड़ से अधिक लागत की 77 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें आस्था, विकास और युवाओं के भविष्य—तीनों के साथ खिलवाड़ करती थीं, जबकि डबल इंजन सरकार ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है।

यह परिक्रमा पूरे अयोध्या क्षेत्र को जोड़ने का माध्यम बनेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा मखौड़ा धाम से शुरू होती है, लेकिन समाजवादी पार्टी की सरकार इस परिक्रमा को रोकती थी। उन्होंने कहा कि अब डबल इंजन की सरकार परिक्रमा को न केवल सुचारु रूप से कराती है, बल्कि जो लोग इसे रोकने की कोशिश करते हैं, उन्हें भी रोकने का काम करती है। उन्होंने कहा कि यह परिक्रमा पूरे अयोध्या क्षेत्र को जोड़ने का माध्यम बनेगी।

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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब तक 1,500 मंदिरों का पुनरोद्धार कराया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि पहले जो धन कब्रिस्तानों के नाम पर खर्च होता था, अब वही धन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले वक्फ के नाम पर जमीनों पर कब्जे किए जाते थे और गरीबों को परेशान किया जाता था।

उन्होंने बस्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान पार्टी के ही एक जिला अध्यक्ष की जमीन पर कब्जा हो गया था। उनके अनुसार, वह मदद के लिए उनके पास आए, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमीन को कब्जामुक्त कराया।

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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में विकास केवल सैफई तक सीमित था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में बिजली, सड़क और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि एक समय बस्ती में लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाते थे, जबकि आज बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है।

आस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यही लोग भगवान राम के मंदिर निर्माण में सबसे बड़ी बाधा थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रामभक्तों पर गोलियां चलाई गईं, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए और हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई गई। उन्होंने कहा कि अयोध्या में “जय श्रीराम” बोलने वालों पर लाठी और गोली चलती थी तथा धार्मिक स्थलों को विवादित बनाने का प्रयास किया जाता था।

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मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था का भी जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासन में नकल को बढ़ावा दिया गया, जिससे युवाओं के भविष्य पर संकट खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नकल पर सख्ती कर पारदर्शी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था लागू की है।