मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में कल होने वाली अहम बैठक से ठीक एक दिन पहले CEO के नए पद पर नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट को दूसरा पत्र लिखकर नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. ट्रस्ट को लिखे पत्र में अमिताभ ठाकुर ने मांग की है कि नए CEO की नियुक्ति से पहले पूरी चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए.
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उन्होंने ट्रस्ट से चार बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा है. CEO पद के लिए चयन के मानदंड क्या हैं. उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग किस आधार पर की गई. चयन समिति की भूमिका क्या है और उसमें कौन शामिल है. अंतिम चयन का आधार क्या होगा. अमिताभ ठाकुर ने ये भी स्पष्ट किया कि यह मामला उनकी व्यक्तिगत दावेदारी का नहीं है.
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उन्होंने कहा, “यह मेरी व्यक्तिगत उम्मीदवारी का प्रश्न नहीं, बल्कि श्री राम जन्मभूमि जैसे राष्ट्रीय महत्व और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े सर्वोच्च संस्थान के सर्वोच्च कार्यकारी पद की विश्वसनीयता और पारदर्शिता का प्रश्न है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मूलभूत प्रश्नों का समाधान किए बिना और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए बिना नियुक्ति की जाती है, तो वह इस पूरी चयन प्रक्रिया और अंतिम नियुक्ति को सक्षम न्यायिक और वैधानिक मंच के समक्ष चुनौती देंगे और उपलब्ध सभी विधिक उपाय अपनाएंगे.



