मथुरा. इस बार भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी पर्व को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारी है. मथुरा श्रद्धा-भक्ति के साथ आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम की साक्षी बनेगी. पहली बार 500 ड्रोन के जरिए आसमान में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी लीलाओं को जीवंत किया जाएगा.
ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि ड्रोन शो इस बार का मुख्य आकर्षण रहेगा. यह 4 सितंबर को रात करीब नौ बजे शुरू होगा और लगभग एक घंटे तक चलेगा. 500 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ान भरकर अलग-अलग आकृतियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी लीलाओं के दृश्य प्रदर्शित करेंगे. आसमान में बनने वाली कृष्णलीला की आकृतियां जन्मभूमि के आसपास करीब तीन से चार किलोमीटर की दूरी तक दिखाई देंगी. इससे श्रीकृष्ण जन्मभूमि और आसपास मौजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अनूठे आयोजन के साक्षी बन सकेंगे.
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2 सितंबर से शुरू होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि 2 सितंबर से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे, जो 4 सितंबर तक डैम्पियर नगर स्थित पांचजन्य प्रेक्षागृह में आयोजित किए जाएंगे. 2 सितंबर को दोपहर तीन बजे उद्घाटन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी. इसके बाद श्याम जी शंख वादन, भारत भूषण के भजन-कीर्तन-लोकगायन, गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी वृंदावन की ‘मुदरिया प्रेम एवं नंदोत्सव’ झांकी और श्रुति अनंदिता वर्मा के निर्देशन में आरुष वर्मा, कमला बैरवा, निष्ठा शर्मा, रालीग खान और सम्राट कुमार की भक्ति संगीत प्रस्तुतियां होंगी.
3 सितंबर को देवेश शर्मा का भजन गायन, कृष्णा सागर कलेक्टिव की भजन जेमिंग और अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी. 4 सितंबर को दोपहर में मोहित शैवानी की ‘कृष्णानयन-कृष्णप्रिय वो जो कभी कहा नहीं गया’ प्रस्तुति के बाद शाम को हार्टफुलनेस फाउंडेशन की प्रस्तुति में सुनीति मिश्रा, अनिरबान और मैत्रेयी राय के भजन-बांसुरी वादन होंगे. शाम 7 से 9 बजे तक प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल की भजन संध्या आयोजित होगी.
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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बनेंगे 16 वॉच टॉवर
उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के दौरान शहर में पांच बड़े और 21 छोटे मंच भी बनाए जाएंगे, जहां ब्रज के स्थानीय कलाकार लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे. वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर शहर में 129 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे और 24 पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे. सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 16 वॉच टावर बनाए गए हैं, जहां से पुलिसकर्मी भीड़ की निगरानी करेंगे। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों की निगरानी की जाएगी। जन्माष्टमी के दौरान करीब 350 मुख्य आरक्षी-आरक्षी तथा 50 महिला आरक्षियों की तैनाती की जाएगी.



