लखनऊ. योगी सरकार में मंत्री और सुभसपा सुप्रीमो ओपी राजभर सपा और अखिलेश यादव पर लगातार हमलावर हैं. एक बार फिर निशाना साधा है. ओपी राजभर ने कहा कि अरे वो, सपाई लोडरों! तुम्हें क्या लगा ओम प्रकाश राजभर भूल गया? PDA यानी ‘पीट देगा अहीर’ और ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’ (सपाई) की दूसरी किस्त जारी नहीं करेगा? दलितों पर सपाई यादवों और सपाई मुसलमानों के अत्याचार को जोनवार और कमिश्नरेटवार सार्वजनिक नहीं करेगा? तो यह तुम्हारी गलतफहमी है. लो लोडरों, पढ़ना-लिखना जानते हो तो आंख गड़ा के पढ़ लो यूपी पुलिस की रिपोर्ट.

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आगे ओपी राजभर ने कहा, पूरे प्रदेश के हर पुलिस जोन और पुलिस कमिश्नरेट में दलितों-शोषितों पर हुए अत्याचार के मामलों में सबसे ज्यादा ‘तुम सब’ ही शामिल हो. पहले गोरखपुर से ही शुरू कर रहा हूं. कल एसी में बइठ के पीसी किये थे न तुम्हारे ‘बिलायत वाले भइया जी’ अखिलेश यादव, कि गोरखपुर में दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुआ है. इसलिए सबसे ज्यादा हुआ क्योंकि यहां भी तुम महा उज्जड और अपराधी प्रवृत्ति वाले लोडरों के कारनामे ही सबसे ज्यादा चीख रहे हैं.

आगे ओपी राजभर ने कहा कि गोरखपुर जोन में कुल 760 मामले दर्ज हुए हैं, बता देना अपने ‘भइया जी’ को इन्हे अंजाम देने वाले सबसे ज्यादा 297 यादव और 344 मुस्लिम शामिल रहे हैं. सबसे अधिक बनारस जोन में जहां 603 मामलों में 650 यादव और 178 मुस्लिमों पर दलित उत्पीड़न के मुकदमे दर्ज हुए हैं. ऐसे ही आगरा जोन में 287 केस में 85 यादव और 93 मुस्लिमों के नाम सामने आए हैं. कानपुर जोन में 334 मुकदमों में 166 यादव और 57 मुस्लिम गुडे-बदमाश दलितों को धमकाते, गरियाते, पीटते और कत्ल करते मिले हैं.

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उन्होंने आगे ये भी कहा कि आ जाओ आप लोग प्रयागराज जोन में, यहां 423 मामलों में 156 यादव-126 मुस्लिम ऐसे मिले जो दलितों पर अत्याचार कर रहे थे. बरेली, मेरठ और लखनऊ में तो शांतिप्रिय कौम ही सबसे ज्यादा अत्याचार और हाहाकार मचाये हुए है. बरेली में 430 मामलों में 100 यादव और 222 मुस्लिम, मेरठ 288 मामलों में 24 यादव और 319 मुस्लिम और लखनऊ जोन 1094 मामलों में से 410 यादव और 428 मुस्लिम संलिप्त पाये गये हैं.

ओपी राजभर ने कहा, अब शहरी कमिश्नरेटों का आंकड़ा पढ़ लो आंख खोल के और भइया को भी पढ़कर सुना देना. आगरा में 59 मामलों में 18 यादव और 8 मुस्लिम मिले दलितों का जीवन हराम करने में, कानपुर नगर में 65 मामलों में 39 यादव और 24 मुस्लिम, गाजियाबाद में 45 मामलों में 6 यादव और 29 मुस्लिम, गौतमबुद्ध नगर में 23 मामलों में 3 यादव और 17 मुस्लिम, प्रयागराज में 126 मामलों में 91 यादव और 39 मुस्लिम, लखनऊ में 148 मामलों में 77 यादव और 82 मुस्लिम. ये सब ऐसे हैं जिन्होंने दलितों पर बेहिसाब क्रूरता की है. ऐसे ही वाराणसी में 56 मामलों में 37 यादव और 17 मुस्लिमों के नाम दलितों को मारने-पीटने, बलात्कार और हत्या करने जैसे मामलों में शामिल रहे हैं.

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ओपी राजभर ने ये भी कहा कि ऐसा नहीं है कि ये सब अपराध करके बच जा रहे हैं. एकदम नहीं, सबका कायदे से उपचार भी कर रही है यूपी पुलिस. सेवा सत्कार में कहीं कोई कमी नहीं की जा रही है, उसकी चिंता मत करना तुम लोग. दु:खद, लेकिन हकीकत यही है कि आप लोगों का व्यवहार कभी भी गैर-यादव पिछड़ा समाज और दलित भाइयों के साथ नहीं बदल सकता, क्योंकि अत्याचार सोच में समा चुकी है आपके.