लखनऊ. ए अखिलेश जी, कितना भी तीन-तिकड़म लगा लीजिए… प्रधान जी ही प्रधान (प्रशासक) रहेंगे. और अपने सपाई लोडरों को समझा दीजिए कि विधानसभा तो क्या अब तो आप लोग पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएंगे. ओ सपाई लोडरों… तुम्हारे भइया जी तो लंदन जाने वाले हैं. तुम लोग उनका सूटकेस, बैग और हैंडबैग एयरपोर्ट तक ढोओ. नंबर वहीं बढ़ेगा.
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उसके बाद सोशल मीडिया पर लिखो आज मुझे अखिलेश भइया जी का झोला उठाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. और हां… अभी कुछ दिन तुम लोगों के भइया जी एसी में बैठकर पीसी करने लायक भी नहीं हैं क्योंकि उनके ‘प्रियजन’ लोग कांड करके पकड़ाए हैं और योगी जी की पुलिस उनकी खातिरदारी प्रेम पूर्वक कर रही है.
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वैसे भी उनको पता है कि एसी में बैठकर पीसी करेंगे तो मीडिया सूर्या या संदीप का सवाल करेगी, लेकिन सपाई इतने घाघ हैं कि तुरंत असद, दिनेश यादव और मुबीन के लिए विक्टिम कार्ड खेलने लगेंगे. यूपी के गैर-यादव पिछड़े और दलितों ने ठान लिया है कि इस बार पंचायत से लेकर विधानसभा तक न तो “पीट देगा अहीर” चलेगा, ना ही “पीट देगा अल्पसंख्यक (सपाई)” चलेगा.

