लखनऊ. राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की तरफ से ट्रस्ट के पूर्व महासचिव ट्रस्ट के चंपत राय और अनिल मिश्रा को ‘क्लीन चिट’ दिए आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपियों को बचाना प्रभु श्री राम और राम भक्तों के साथ विश्वासघात है, जिसके खिलाफ वे कल लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

आप नेता संजय सिंह ने बताया कि एसआईटी अध्यक्ष किरन यस को औपचारिक पत्र लिखकर जमीन घोटाले से संबंधित कुल 26 दस्तावेज (13 पुराने और 13 नए) सौंपने के लिए 20 से 23 अगस्त के बीच का समय मांगा है. उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय के हस्ताक्षर वाले ये दस्तावेज 2 करोड़ की जमीन 5 मिनट में साढ़े 18 करोड़ में खरीदने जैसे भ्रष्टाचार के पुख्ता प्रमाण हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब मामला अभी मा. सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में है और स्टेटस रिपोर्ट मांगी जा रही है, तो आरोपियों को क्लीन चिट कैसे मिल गई?

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संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने पूर्व में गठित एसआईटी को जमीन घोटाले से संबंधित 13 महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे थे. इन दस्तावेजों में साफ है कि प्रभु श्री राम के नाम पर आए चंदे का दुरुपयोग किया गया. चंपत राय के हस्ताक्षरों वाले कागजात साबित करते हैं कि मात्र 5 मिनट के भीतर 2 करोड़ की जमीन को साढ़े 18 करोड़ रुपये में खरीदा गया. इसके अलावा 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ में और 1 करोड़ 73 लाख की जमीन 24 करोड़ में खरीदी गई, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार है.

संजय सिंह ने तीखे स्वर में कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ही इस पूरे प्रकरण के मुख्य आरोपी हैं. इन्हीं लोगों की देखरेख में चढ़ावा चोरी, चंदा चोरी, आभूषण चोरी और निर्माण कार्य में चोरी को अंजाम दिया गया है. उन्होंने कहा कि जमीनों का इतना बड़ा घोटाला होने के बावजूद आरोपियों को क्लीन चिट मिलना बेहद अजीब और दुर्भाग्यपूर्ण है. संजय सिंह के अनुसार, राम मंदिर के नाम पर हुए इस भ्रष्टाचार को दबाना साक्षात प्रभु श्री राम के साथ छल करने जैसा है.

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जांच सही नहीं हुई तो खुद जाऊंगा सुप्रीम कोर्ट

संजय सिंह ने कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग करना चाहते हैं, इसलिए समय मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें विवश न किया जाए कि खुद सुप्रीम कोर्ट जाना पड़े. उन्होंने कहा कि यदि एसआईटी ने इन पुख्ता सुबूतों के आधार पर पारदर्शी जांच नहीं की, तो वे न्याय के लिए सीधे देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे ताकि राम भक्तों की गाढ़ी कमाई लूटने वालों को सजा मिल सके.