लखनऊ. खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि उत्तरप्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से खाद का भंडारण न करें. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों को फसल की आवश्यकता के अनुरूप समय पर और पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए. यदि किसी तकनीकी समस्या के कारण वितरण प्रभावित होता है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए. साथ ही उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि 27 जुलाई तक खरीफ सीजन में प्रदेश में 28.25 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जबकि 29.05 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 14.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.81 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 4.90 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.46 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 1.11 लाख मीट्रिक टन एमओपी का स्टॉक मौजूद है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक उर्वरक उपलब्ध कराया गया है.

कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है. सबसे अधिक यूरिया कानपुर मंडल (1,43,076 मीट्रिक टन), लखनऊ मंडल (1,38,186 मीट्रिक टन), बरेली मंडल (1,16,987 मीट्रिक टन) और प्रयागराज मंडल (1,11,070 मीट्रिक टन) में उपलब्ध है. इसके अलावा वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, अलीगढ़, मेरठ, अयोध्या और अन्य मंडलों में भी पर्याप्त भंडार मौजूद है.

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उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि किसी जनपद में खाद वितरण को लेकर कोई समस्या आती है तो वे अपने जिले या मंडल के कृषि अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें. सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है, ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.